दिल्ली पुलिस का दावा-निकिता- शांतनु और दिशा ने मिलकर बनाई थी टूलकिट
नई दिल्ली। तीन कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसानों के प्रदर्शन से जुड़ी 'टूलकिट' सोशल मीडिया पर साझा करने के मामले में निकिता जैकब और शांतनु के खिलाफ भी गैर जमानती वारंट जारी हो चुका है। इससे पहले रविवार को दिल्ली पुलिस ने बंगलुरु से दिशा रवि को भी इस मामले में गिरफ्तार किया था। आज दिल्ली पुलिस की ओर से इस मामले पर फिर से प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई है।
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संयुक्त सीपी साइबर सेल प्रेमनाथ ने कहा कि, जांच के दौरान टूलकिट के ऑनलाइन मौजूद स्क्रीन शॉट्स की पड़ताल की गई है और जांच में प्राप्त जानकारी मिलते ही इस टूलकिट गूगल डॉक्यूमेंट की संपादक निकिता जैकब के खिलाफ सर्च वारंट जारी कर केस के आयोग समेत एक टीम को मुंबई भेजा गया। उनके पास से 2लैपटॉप और 1आईफोन मिला इसके बाद टूलकिट गूगल डॉक एडिटर निकिता जैकब के खिलाफ 9 फरवरी को कोर्ट से एक सर्च वारंट लिया गया था।
प्रेमनाथ ने बताया कि, जांच में ये भी बात सामने आई कि काव्य न्याय फाउंडेशन के संस्थापक एम ओ धालीवाल अपने कनाडा में रह रहे सहयोगी पुनीत के जरिए निकिता जैकब से संपर्क किया। उनका मकसद गणतंत्र दिवस से पहले और बाद में ट्विटर स्टॉर्म और डिजिटल स्टाइक करना था। 11 जनवरी को काव्य न्याय फाउंडेशन ने जूम मीटिंग किया जिसमें निकिता, शांतनु ,धालीवाल और अन्य व्यक्तियों ने हिस्सा लिया। धालीवाल का मकसद किसानों के बीच असंतोष और गलत जानकारी फैलाना था। सर्च में पता चला कि निकिता, शांतनु और दिशा ने गूगल टूलकिट गूगल डॉक्यूमेंट बनाया था।
पुलिस ने बताया कि, बेंगलुरु टीम ने दिशा से पूछताछ की और उसके फोन से महत्वपूर्ण जानकारी मिली। जानकारी से स्पष्ट हुआ कि दिशा अपने साथियों (निकिता और शांतनु) के साथ मिलकर टूलकिट गूगल डॉक्यूमेंट को बनाया और शेयर किया। दिशा ने टेलीग्राम के जरिए ही ग्रेटा थनबर्ग को टूलकिट भेजी थी।












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