'गठबंधन बना लीजिए, फिर भी मोदी पूर्ण बहुमत से पीएम बनेंगे', दिल्ली सेवा बिल पर बोले अमित शाह
Amit Shah On Delhi Ordinance Bill 2023: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (संशोधन) विधेयक, 2023 लोकसभा में पेश किया गया है। जिसके बाद गुरुवार (03 अगस्त) को विपक्ष के विरोध के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अध्यादेश पर लोकसभा में जवाब दिया।
लोकसभा में दिल्ली सर्विस बिल पर जवाब देते अमित शाह ने नए गठबंधन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि गठबंधन बना लीजिए, फिर भी नरेंद्र मोदी पूर्ण बहुमत से प्रधानमंत्री बनेंगे।

'नरेंद्र मोदी पूर्ण बहुमत के साथ फिर से पीएम बनेंगे'
लोकसभा में विपक्ष पर बरसते हुए अमित शाह ने अपने बयान में कहा, "उनके (विपक्ष) गठबंधन बनाने के बाद भी, नरेंद्र मोदी पूर्ण बहुमत के साथ फिर से पीएम बनेंगे। मैं विपक्षी सांसदों से अपील करता हूं कि वे दिल्ली के बारे में सोचें, अपने गठबंधन के बारे में नहीं...।"
'संसद को कानून बनाने का पूरा अधिकार'
दिल्ली सर्विस बिल पर अमित शाह ने सदन में कहा कि यह अध्यादेश सुप्रीम कोर्ट के आदेश को संदर्भित करता है, जो कहता है कि संसद को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली से संबंधित किसी भी मुद्दे पर कानून बनाने का अधिकार है। शाह ने कहा कि दिल्ली पूर्ण राज्य नहीं है। संसद को दिल्ली से संबंधित किसी भी तरह का कानून बनाने का पूरा अधिकार है।
शाह बोले- रोकना का मतलब सेवा नहीं, भ्रष्टाचार छिपाना
इसी के साथ विपक्ष पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा कि इस अध्यादेश को रोकने का मतलब सेवा करना नहीं, भ्रष्टाचार छिपाना है। उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली सेवा अध्यादेश का इस्तेमाल गठबंधन बनाने के लिए मत करिए।
शाह यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि साल 2015 में दिल्ली में एक ऐसी पार्टी सत्ता में आई जिसका मकसद सिर्फ लड़ना था, सेवा करना नहीं। समस्या ट्रांसफर पोस्टिंग करने का अधिकार हासिल करना नहीं, बल्कि अपने बंगले बनाने जैसे भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए सतर्कता विभाग पर कब्जा करना है।
शाह ने कहा कि दिल्ली सरकार इस बिल के विरोध के जरिए विजिलेंस को कंट्रोल में लेकर बंगले का सच छिपाना चाहती है।
ऐसी राजनीति नहीं करनी चाहिए-शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में कहा, "मेरा सभी पक्ष से निवेदन है कि चुनाव जीतने के लिए किसी पक्ष का समर्थन या विरोध करना, ऐसी राजनीति नहीं करनी चाहिए। नया गठबंधन बनाने के अनेक प्रकार होते हैं। विधेयक और कानून देश की भलाई के लिए लाया जाता है। इसलिए इसका विरोध और समर्थन दिल्ली की भलाई के लिए करना चाहिए।












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