Delhi-Kathmandu Bus:19 महीने बाद मैत्री बस सेवा फिर से बहाल, जानिए किराया और पूरी गाइडलाइंस
नई दिल्ली, 15 दिसंबर: दिल्ली और नेपाल की राजधानी काठमांडू के बीच 19 महीने बाद मैत्री बस सेवा आज से फिर बहाल हो गई है। दिल्ली गेट पर स्थित डॉक्टर अंबेडकर स्टेडियम टर्मिनल से एक बस काठमांडू के लिए रवाना हो गई है। यह बस सेवा 23 मार्च, 2020 से कोरोना महामारी की वजह से बंद कर दी गई थी। यह बस पहले के पैटर्न पर ही चलेगी, लेकिन कोविड प्रोटोकॉल की वजह से इस सेवा में कई तरह के बदलाव किए गए हैं, इसलिए इसका किराया भी बढ़ गया है। इस बस का नया किराया, दूरी, रूट, ठहराव वाली जगह और ओमिक्रॉन कोरोना वायरस की वजह से पैदा हुई परिस्थितियों के चलते इसका लाभ उठाने से पहले इसके बारे में सबकुछ यहां समझिए।

ओमिक्रॉन वेरिएंट की वजह से सख्त कोविड प्रोटोकॉल
दिल्ली-काठमांडू मैत्री बस सेवा ऐसे समय में बहाल की गई है, जब कोविड-19 के ओमिक्रॉन वेरिएंट की वजह से नई आशंकाएं पैदा हो रही हैं। इसलिए इस बस सेवा के लिए सख्त कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना जरूरी है। दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (डीटीसी) के मुताबिक यात्रियों के पास कोविड वैक्सीन का फाइनल सर्टिफिकेट (जिन्हें दोनों खुराक लग चुकी हो) और यात्रा शुरू करने से 72 घंटे के अंदर का निगेटिव आरटी-पीसीआर रिपोर्ट होना जरूरी है। जो यात्री ये दस्तावेज नहीं दिखा पाएंगे उन्हें बस यात्रा की अनुमति नहीं मिलेगी।

दिल्ली-काठमांडू बस सेवा का रूट और दूरी
दिल्ली-काठमांडू बस सेवा दोनों देशों की राजधानियों को जोड़ती है, जो 1,167 की दूरी तय करती है। इस बस का ठहराव उत्तर प्रदेश में फिरोजाबाद, फैजाबाद और नेपाल के मुगलिंग रखा गया है। यह बस सनौली (भारत-नेपाल सीमा) में भी कस्टम चेकिंग के लिए रुकेगी। दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (डीटीसी) ने इस सेवा के लिए स्काइलाइन इंडिया (मोटर्स) प्राइवेट लिमिटेड के साथ समझौता किया है। दिल्ली और काठमांडू के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को निर्धारित जगहों को छोड़कर रास्ते में कहीं भी उतरने या चढ़ने की अनुमति नहीं होगी।

दिल्ली-काठमांडू बस सेवा का शेड्यूल
बुधवार को दिल्ली से काठमांडू की बस सेवा सुबह 10 बजे बहाल हुई है। यह सेवा दिल्ली से काठमांडू के लिए हर सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को उपलब्ध होगी। जबकि, काठमांडू से दिल्ली के लिए यह बस मंगलवार, गुरुवार और शुक्रवार को मिलेगी। इस बस सेवा को दोनों देशों के बीच मित्रता की पहचान के तौर पर शुरू किया गया था और शुरू से इसमें तीर्थयात्री, टूरिस्ट, विदेशी प्रतिनिधियों और दोनों देशों के आम नागरिकों ने सफर किया है।

दिल्ली-काठमांडू बस का किराया
कोरोना की पहली लहर से पहले दिल्ली से काठमांडू तक मैत्री बस सेवा का किराया 2,300 रुपये था। लेकिन, अब इसमें 500 रुपये का इजाफा करके इसे 2,800 रुपये किया गया है। इस बस सेवा की शुरुआत 25 नवंबर, 2014 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ही नेपाल से की थी। इस बस से यात्रा करने वाले लोगों को अपने पास कोई भी सरकारी पहचान पत्र रखना जरूरी होगा। गौरतलब है कि भारतीय और नेपाली नागरिकों को एक-दूसरे के यहां आने-जाने के लिए पासपोर्ट या वीजा जैसे दस्तावेजों की आवश्यकता नहीं है।

दिल्ली-लाहौर बस सेवा की अभी सुगबुगाहट नहीं
हालांकि, डीटीसी की एक और इंटरनेशनल बस सर्विस दिल्ली-लाहौर बस सेवा (सदा-ए-सरहद) के बहाल होने के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है। डीटीसी ने 2019 में लाहौर बस सेवा को निलंबित कर दिया था। यह फैसला पाकिस्तान की ओर से दिल्ली-लाहौर बस सेवा निलंबित करने के बाद लिया गया था। पाकिस्तान ने जम्मू और कश्मीर से आर्टिकल 370 खत्म होने से चिढ़कर यह बस सेवा रोक दी थी।












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