गोवा में हुई भीषण अग्निकांड के बाद दिल्ली अग्निशमन सेवा ने होटलों और नाइट क्लबों के निरीक्षण को अनिवार्य कर दिया है।
त्योहारी मौसम नजदीक आने के साथ ही, दिल्ली अग्निशमन सेवा ने पूरे शहर में अग्नि सुरक्षा निरीक्षण तेज कर दिए हैं। यह कदम गोवा में हुई एक दुखद घटना के बाद उठाया गया है, जहां बिर्च बाय रोमियो नाइटक्लब में लगी आग में दिल्ली के चार पर्यटकों सहित 25 लोगों की जान चली गई थी। इसके जवाब में, दिल्ली अग्निशमन सेवा को रेस्तरां, होटल और क्लब जैसे सार्वजनिक सभा स्थलों का गहन निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है।

दिल्ली अग्निशमन सेवा के प्रधान निदेशक ए. नेदुंचेज़ियान ने तत्काल निरीक्षण का आदेश जारी किया। संभागीय अधिकारियों (डीओ) और सहायक संभागीय अधिकारियों (एडीओ) को दिल्ली अग्निशमन सेवा नियम, 2010 के नियम 33 में उल्लिखित अग्नि निवारण एवं सुरक्षा उपायों के अनुपालन की जाँच करने का दायित्व सौंपा गया है। अधिकारियों को अपने निरीक्षण के बाद अनुपालन रिपोर्ट भी प्रस्तुत करनी होगी।
सरकारी प्रतिबद्धता
दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने सार्वजनिक स्थलों पर अग्नि सुरक्षा के उच्च मानकों को बनाए रखने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि पिछली सरकारों ने अग्नि सुरक्षा की उपेक्षा की थी, जिसके कारण बार-बार दुर्घटनाएँ हुईं। वर्तमान सरकार का उद्देश्य नियामक निगरानी को बढ़ाना और प्रक्रियाओं को सरल बनाना है ताकि व्यवसायों को स्वैच्छिक अनुपालन के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।
सुरक्षा के लिए डेटा साझा करना
जन सुरक्षा को मजबूत करने के लिए, जीएसटी अधिकारियों और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को दिल्ली अग्निशमन सेवा के साथ डेटा साझा करने के निर्देश दिए गए हैं। इस डेटा में पब, बार, रेस्तरां, होटल और अस्थायी ढांचों से संबंधित जानकारी शामिल है। इस डेटा के एकीकरण से जोखिम आकलन में सुधार होने और लक्षित निरीक्षण तथा समय पर निवारक कार्रवाई करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री के निर्देश
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने निर्देश दिया है कि जिन प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा उपकरण नहीं हैं या जो मानकों का उल्लंघन कर रहे हैं, उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली सचिवालय में हुई समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने बड़े आयोजनों और कार्यक्रमों के नियमित निरीक्षण के महत्व पर जोर दिया। गुप्ता ने यह भी कहा कि प्रतिष्ठान मालिकों की यह जिम्मेदारी है कि वे अपने परिसरों में अग्नि सुरक्षा उपायों को लागू करें।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी करने में कोई अस्पष्टता या देरी नहीं होनी चाहिए, जिससे अग्नि सुरक्षा नियमों के अनुपालन के लिए एक सुव्यवस्थित प्रक्रिया सुनिश्चित हो सके।
With inputs from PTI












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