ना CM ऑफिस जा पाएंगे, ना किसी फाइल पर कर पाएंगे हस्ताक्षर, जानिए किन शर्तों पर मिली केजरीवाल को जमानत
Arvind Kejriwal Bail: आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को दिल्ली शराब नीति मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने 10 लाख रुपये के मुचकले पर सीएम अरविंद केजरीवाल को जमानत देने का फैसला किया है। सीएम अरविंद केजरीवाल को जमानत देने के साथ ही कुछ शर्ते भी लगाई है।
सीएम अरविंद केजरीवाल की जमानत के लिए उनपर वहीं शर्तें लागू की गई हैं, जो प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मामले में जमानत देते वक्त लगाई गई थीं। केजरीवाल जेल से बाहर आने के बाद किसी भी अधिकारिक फाइल पर हस्ताक्षर नहीं कर पाएंगे। सीएम केजरीवाल सीएम ऑफिस भी नहीं जा पाएंगे। वहीं केजरीवाल को इस पूरे मामले पर बयान या टिप्पणी देने पर भी मनाही है।

सुप्रीम कोर्ट ने सीएम अरविंद केजरीवाल की जमानत पर क्या कहा?
- सुप्रीम कोर्ट ने सीएम केजरीवाल को ये जमानत सीबीआई मामले में दी है। ईडी मामले पर केजलीवाल को पहले भी जमानत मिल गई थी। पांच सितंबर को इस पर सुनवाई हुई थी और सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।
- सीएम अरविंद केजरीवाल की जमानत पर फैसला जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ने सुनाया है। अपने आदेश में जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, सीबीआई द्वारा की गई गिरफ्तारी कानूनी है।
- केजरीवाल को 10 लाख रुपये के जमानत बांड पर रिहा किया जाएगा। दिल्ली के सीएम को सार्वजनिक रूप से मामले पर टिप्पणी करने की अनुमति नहीं है।
- हालांकि जस्टिस उज्जल भुइयां ने केजरीवाल की गिरफ्तारी के बारे में जस्टिस सूर्यकांत से अलग राय रखी। उन्होंने कहा कि दिल्ली के सीएम को केवल ईडी मामले में दी गई जमानत को विफल करने के लिए गिरफ्तार किया गया था। जस्टिस भुईयां ने कहा है कि 'सीबीआई को पिंजरे में बंद तोता नहीं बनना चाहिए।'
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