द्वारका की रैली में बोले पीएम मोदी, दिल्ली को दोष देने वाली नहीं फैसले लेने वाली सरकार की जरूरत
दिल्ली को दोष देने वाली नहीं फैसले लेने वाली सरकार की जरूरत: पीएम मोदी
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दिल्ली को दोष देने वाली नहीं बल्कि फैसले लेने वाली सरकार चाहिए। भारतीय जनता पार्टी के स्टार प्रचारक मोदी ने कहा कि जो विकास को रोके नहीं बल्कि सबको साथ लेकर चले। मंगलवार को दिल्ली के द्वारका में भाजपा उम्मीदवारों के पक्ष में रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कांग्रेस और केजरीवाल पर निशाना साधा। दिल्ली में 8 फरवरी को विधानसभा का चुनाव होना है। दिल्ली की सभी 70 सीटों पर एक ही चरण में 8 फरवरी को वोट डाले जाएंगे।

द्वारका के डीडीए ग्राउंड में भारतीय जनता पार्टी की रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, दिल्ली का ये चुनाव, इस दशक का पहला चुनाव है। इस दशक में भारत की प्रगति उसके आज लिए गए फैसलों पर निर्भर करेगी। आज एक तरफ इन फैसलों को लेने वाला पक्ष है और दूसरी तरफ इन फैसलों के खिलाफ खड़ा विपक्ष है। दिल्ली और देश के हित में इस बार एकजुट, एक स्वर, पूरी ताकत के साथ हमें खड़े होना है। दिल्ली को दोष देने वाली नहीं, दिशा देने वाली सरकार चाहिए। दिल्ली को रोड़े अटकाने वाली और नफरत फैलाने वाली राजनीति से मुक्ति चाहिए।
आयुष्मान योजना को लेकर मोदी ने कहा, केंद्र सरकार की कई योजनाओं को लागू करने से दिल्ली सरकार ने मना कर दिया है। दिल्ली के गरीबों का क्या गुनाह है, जो उन्हें 5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज देने वाली आयुष्मान भारत योजना का लाभ नहीं मिलता? दिल्ली में ऐसी बेदर्द सरकार बैठी है जिसे दिल्ली वालों की जिंदगी की परवाह नहीं है। दिल्ली के बेघर लोगों का क्या अपराध है कि उन्हें पीएम आवास योजना के तहत अपना घर नहीं मिलता। दिल्ली के किसानों का क्या कसूर है जो उन्हें पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिलता। दिल्ली सरकार ने मेट्रों के चौथे चरण के विस्तार को 2 साल तक मंजूरी नहीं दी।
मोदी ने कहा, पिछले 5 साल में केंद्र सरकार ने जिस स्पीड और स्केल से काम किया है, वो अपने आप में अभुतपूर्व है। स्वतंत्रता के बाद से कभी भी इतनी तेजी से काम नहीं हुआ है। आज आयुष्मान भारत योजना जितने लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा देती है, वो अमेरिका, कनाडा जैसे देशों की कुल जनसंख्या के बराबर है। स्वच्छ भारत मिशन से केन्द्र सरकार ने जितने शौचालय बनाए हैं, उसकी संख्या मिस्र की जनसंख्या से भी ज्यादा है। उज्ज्वला योजना से हमने गरीब माताओं को जितने गैस कनेक्शन दिए हैं, वो करीब जर्मनी की जनसंख्या के बराबर है।
अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा, दिल्ली को ऐसी सरकार भी चाहिए जो समय आने पर देश के पक्ष को मजबूत करे, हमारे वीर सैनिकों के साथ खड़ी हो।दिल्ली को ऐसी राजनीति नहीं चाहिए, जो आतंकी हमलों के समय में भारत के पक्ष को कमज़ोर करे और जो अपने बयानों से दुश्मन को भारत पर वार करने का मौका दे। दिल्ली में ऐसा नेतृत्व चाहिए, जो CAA, अनुच्छेद 370 जैसे, राष्ट्रीय सुरक्षा के तमाम फैसलों पर देश का साथ दे। अपनी राजनीति के लिए, तुष्टिकरण के लिए, लोगों को भड़काने वाले लोग क्या दिल्ली का भला कर सकेंगे? ये लोग बाटला हाउस के आतंकियों के लिए रो सकते हैं, उनका साथ देने के लिए सुरक्षाबलों को कठघरे में खड़ा कर सकते हैं लेकिन दिल्ली का विकास नहीं कर सकतेनागरिकता संशोधन कानून बनने के बाद देश और दिल्ली के लोग पहले दिन से देख रहे हैं कि कैसे इन लोगों द्वारा अफवाहें फैलाई जा रही हैं, झूठ बोला जा रहा है।दिल्ली की जनता सब कुछ देख रही है, सब कुछ समझ रही हैसर्जिकल और एयर स्ट्राइक जैसे फैसलों के बाद इस तरह के बयान आये, उस समय यहां की सरकार में बैठे लोगों ने कैसे बयान दिए थे, वो आपको याद है न।उसके विरूद्ध हर दिल्लीवासी गुस्सा है न, उनको सजा मिलनी चाहिए या नहीं और ये काम आप सभी को 8 फरवरी को करना है।
मोदी ने अपने भाषण में कहा, दिल्ली की 1,700 से अधिक अवैध कॉलोनियों में 40 लाख लोगों को घरों के अधिकार का विषय दिल्ली कैसे भूल सकता है? यहां जो शासन में हैं, वो तो इस कोशिश में थे कि किसी तरह और एक दो साल के लिए ये मामला टाल दिया जाए। अगर बहानों और कोसने से ही काम चलता, तो क्या हमारी सरकार कड़े और बड़े फैसले ले पाती? 5 साल में हमने जो एक के बाद एक, मजबूत कदम उठाए हैं, वो उठा पाते क्या? भाजपा ने इच्छाशक्ति दिखाई और आज 40 लाख दिल्लीवालों को अपने मकान और अपनी दुकान का हक़ मिल गया। कई दशकों से दिल्ली के हर चुनाव में अनधिकृत कॉलोनियों का मुद्दा अहम होता था। लोग भरोसा करके सरकार बनाते थे, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं होता था।












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