'AAP के चलते हारे', दिल्ली में INDIA bloc के बंटाधार पर अब क्यों तिलमिलाई कांग्रेस?
Delhi Politics: कांग्रेस पार्टी के नेता ने लोकसभा चुनावों में दिल्ली में करारी हार का ठीकरा पूरी तरह से आम आदमी पार्टी पर फोड़ दिया है। आम आदमी पार्टी इंडिया ब्लॉक में कांग्रेस की सहयोगी है और दिल्ली की सातों सीटों पर ये दोनों मिलकर चुनाव लड़े थे।
लेकिन, बीजेपी ने लगातार तीसरी बार भी कांग्रेस और आम आदमी पार्टी में गठबंधन के बावजूद दिल्ली की सातों लोकसभा सीटें जीती हैं और कांग्रेस अब इसका सारा दोष आम आदमी पार्टी और उसके नेता अरविंद केजरीवाल पर डाल रही है।

दिल्ली में आम आदमी पार्टी के चलते हारे- कांग्रेस
कांग्रेस नेता अभिषेक दत्त ने न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में दावा किया है, 'जिस तरह से अरविंद केजरीवाल की आबकारी नीति में उनका रूप सामने आया, उनकी संलिप्तता सामने आई है, उसका नुकसान कांग्रेस पार्टी को दिल्ली में हुआ। अगर हम आदमी पार्टी के बिना चुनाव लड़ते तो जिस तरह से देशभर में कांग्रेस को सीटें मिली हैं, दिल्ली में भी हम जीतते।'
'AAP पर शराब घोटाले के दाग का नुकसान कांग्रेस को हुआ'
उन्होंने कहा है कि 'अगर दिल्ली में हम इनके साथ चुनाव नहीं लड़ते तो दिल्ली में कांग्रेस की सीटें (2014,2019 और 2024 में एक भी सीट कांग्रेस नहीं जीती) और ज्यादा बढ़तीं...कहीं न कहीं एक्साइज स्कैम का दाग जो आम आदमी पार्टी पर लग गया है, उसका नुकसान हमें हुआ है।'
कांग्रेस नेता ने दिल्ली में पहले पानी संकट और फिर जलभराव की दिक्कत को लेकर आम आदमी पार्टी के बारे में और भी काफी कुछ कहा है और यह पूरा वीडियो इस लेख के अंत में है। उन्होंने दिल्ली में पानी की समस्या पर मंत्री आतिशी के धरने को भी 'ड्रामा' कहा है।
वैसे आम आदमी पार्टी की ओर से दिल्ली में कांग्रेस के साथ गठबंधन खत्म करने की घोषणा चुनाव नतीजे सामने आने के बाद ही कर दी गई थी। जबकि, पंजाब में दोनों दलों ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था और निश्चित रूप से कांग्रेस को वहां इसका फायदा मिलता दिखा है।
दिल्ली में जल संकट और जलभराव पर भी भड़क रही है कांग्रेस
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष देवेंदर यादव ने भी भारी बारिश के बाद दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में जलभराव को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
उन्होंने पीटीआई से कहा, 'दिल्ली का कोई इलाका नहीं है, जहां आज जलभराव नहीं हुआ है, चाहे रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, पार्क या रिहायशी इलाका होगा। पहली बार दिल्ली पूरी तरह से ठप हो गई। हम मानसून की चेतावनी देने के लिए सरकार को लगातार चिट्ठी लिखते रहे हैं, लेकिन जब संकट का समय आया तो आज दिल्ली सरकार भागती दिखी।'
विरोधी दलों में विभाजन अच्छा नहीं- आम आदमी पार्टी
वहीं दिल्ली सरकार के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कांग्रेस पर पलटवार कर कहा था, 'देश में विपक्षी पार्टियां संविधान बचाने के लिए संघर्ष कर रही हैं...विरोधी दलों में विभाजन अच्छा नहीं है। विभिन्न राज्यों में स्थानीय नेतृत्व को अपनी राय रखने का अधिकार है।'
लगातार तीसरी बार दिल्ली की सातों सीटें जीती बीजेपी
लोकसभा चुनावों में दिल्ली की सात सीटों में से 4 पर अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी और 3 पर कांग्रेस लड़ी थी। लेकिन, इन दोनों के गठबंधन से भी बीजेपी को कोई फर्क नहीं पड़ा और वह लगातार तीसरी बार दिल्ली की सभी लोकसभा सीटें जीत गई।
तथ्य ये है कि कांग्रेस पार्टी का स्थानीय नेतृत्व इस गठबंधन के लिए तैयार नहीं था, लेकिन उसे पार्टी आलाकमान के हुक्म के सामने झुकना पड़ गया। वहीं आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को प्रचार करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से ऐतिहासिक जमानत भी मिली। उनकी पार्टी की ओर से इस नाम पर सहानुभूति बटोरने के भी सारे प्रयास हुए, लेकिन सारी तरकीब फेल कर गई।












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