बेहद खास है 'भारत मंडपम', संस्कृति गलियारा बना देश-विदेश की विरासत का गवाह
Bharat Mandapam Culture Corridor: भारत की मेजबानी में 18वें जी-20 शिखर सम्मेलन का दिल्ली के प्रगति मैदान के 'भारत मंडपम' में सफल आयोजन हुआ। G20 Summit के चलते 'भारत मंडपम' बेहद खास बन गया है। ऐसे में यहां के संस्कृति गलियारा (Culture Corridor) में व्याकरण ग्रंथ समेत कई ऐतिहासिक विरासतों को जगह मिली है।
जी20 शिखर सम्मेलन के आयोजन स्थल भारत मंडपम ने एक यूनिक इंटरनेशनल प्रोजेक्ट 'संस्कृति गलियारा- जी20 डिजिटल संग्रहालय' का प्रदर्शन किया गया है। यहां G20 के सदस्यों और आमंत्रित देशों की साझा विरासत की यादगार झांकियां पेश की गई है।

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दरअसल, इस सांस्कृतिक गलियारे को सजावट इस तरह से कि गई है, जो विभिन्न देशों की संस्कृति, इतिहास, विरासत और मॉडर्न उपलब्धियों को एक साथ एक मंच पर प्रदर्शित करता है। जिसका उद्देश्य एक-दूसरे के प्रति सम्मान और समझ को बढ़ावा देना है।
सांस्कृतिक गलियारा भारत की G20 थीम 'वसुधैव कुटुंबकम' के मिशन को आगे बढ़ाती है। जिसे 9 सितंबर 2023 को खोला गया था।
ऐतिहासिक विरासतों का प्रदर्शन
भारत से 'अष्टाध्यायी', इंडोनेशिया से 'बाटिक सारोंग पोशाक', ब्राजील की राष्ट्रीय संसद का एक मॉडल और अर्जेंटीना से पोंचो को संग्रहालय में प्रदर्शित किया गया है।
इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया की एक पेंटिंग 'यिनापुनापु एटी डीजेआरएकेपीआई', कनाडा से सी मॉन्स्टर ट्रांसफॉर्मेशन मास्क, चीन से लोटस तालाब डिजाइन के साथ फहुआ लिडेड जार और यूरोपीय संघ से महान पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक मैरी क्यूरी की कांस्य प्रतिमा भी प्रदर्शित की गई है। फ्रांस से तितलियों और ट्रेफिल्स की नीली पृष्ठभूमि सजावट वाला एक औक्सरे फूलदान संग्रहालय में रखा गया है।
जर्मनी से वोक्सवैगन ओल्ड बीटल के लघु प्रतिकृति मॉडल, इटली से अपोलो बेल्वेडियर की कांस्य प्रतिमा और जापान से नेंडोरॉइड हास्ट्यून मिकू को भी प्रदर्शित किया गया है।












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