VIDEO: अम्मा-बाबा टी-स्टॉल देखते ही खुश हुए बुजुर्ग दंपति, बोले- अब किसी चीज की जरूरत नहीं
नई दिल्ली। दिल्ली के मालवीय नगर में स्थित 'बाबा का ढाबा' का वीडियो वायरल होने के कुछ दिनों बाद सोशल मीडिया पर द्वारका में चाय बेचने वाले बुजुर्ग दंपति का वीडियो वायरल हुआ था। इनका ये वीडियो फूड ब्लॉगर और सामाजिक कार्यकर्ता विशाल शर्मा ने बनाया था। वीडियो बनाने के साथ ही विशाल ने इनकी काफी मदद की थी, साथ में इन्हें बहुत सा सामान बेचने के लिए उपलब्ध भी कराया गया। अपनी संतानों द्वारा घर से निकाले जाने के बाद बहुत से बुजुर्ग दो वक्त की रोटी के लिए काम करने को मजबूर हैं लेकिन उन्हें कोरोना महामारी की मार अलग से झेलनी पड़ रही है।

बेटे ने हाथ तोड़ा दामाद ने कमर
विशाल शर्मा का वीडियो वायरल होने के बाद यहां एक अन्य फूड ब्लॉगर और सामाजिक कार्यकर्ता गौरव वसन भी पहुंचे। उन्होंने अपनी तरफ से 70 साल के अम्मा-बाबा को एक चाय का स्टॉल दिया है। जिसका वीडियो उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी शेयर किया है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि कार्ट को देखते ही दोनों बुजुर्ग खुश हो जाते हैं। वीडियो में बाबा कहते हैं कि उनके बेटे ने उनका हाथ तोड़ दिया था और उनके दामाद ने उनकी कमर तोड़ दी। उन्होंने बताया कि उनके बेटे ने उनसे पैसे मांगे थे, लेकिन उनके पास पैसे नहीं थे, इसी बात पर बेटे ने हाथ तोड़ दिया।

अम्मा बोलीं- अब हम खुश हैं
गौरव वसन ने जो कार्ट दी है, उसमें दोनों के बैठने की भी व्यवस्था है। अम्मा वीडियो में कहती हैं कि वह अब खुश हैं। वह कहती हैं, 'हम खुश हैं, अब हमें किसी चीज की जरूरत नहीं है।' गौरव ने लोगों से अपील की है कि ऐसे लोगों की मदद जरूर करें। हाथ और पैरों में फ्रैक्चर की वजय से इन बाबा को नीचे बैठने में काफी दिक्कत होती थी इसलिए इस कार्ट में बैठने की पूरी व्यवस्था की गई है।

विशाल ने उपलब्ध कराया था पूरा राशन
इससे पहले विशाल शर्मा को ये बाबा अपनी कहानी बताते हुए रोने भी लगे थे। उन्होंने कहा था कि वह काफी दर्द में हैं और जीने के लिए काफी संघर्ष कर रहे हैं। दोनों दिल्ली के द्वारका सेक्टर 13 के पास चाय बेचते हैं। इनकी मदद के लिए विशाल ने इन्हें दूध, चिप्स और व्रत का सामान भी दिया। ताकि वह इसे बेच सकें और खुद भी खा सकें। साथ ही दुकान पर बेचने के लिए चिप्स, बिस्किट, नमकीन और मूंगवली के पैकेट सहित पूरा राशन दिया गया। इन्हें कोरोना वायरस से बचने के लिए सेनिटाइजर और टिशू पेपर दिए गए। विशाल ने इन्हें मदद के लिए 10 हजार रुपये भी दिए थे।












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