Delhi Air Pollution:लोगों को ICU में पहुंचा रही है दिल्ली की जहरीली हवा, एक्सपर्ट्स ने जारी किया अलर्ट
Delhi Air Pollution, देश की राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है। दिल्ली-एनसीआर के ज्यादातर इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 350 के पार है। पराली के धुएं ने दिल्ली की हवा को और अधिक जहरीला कर दिया है। इसके चलते लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अस्थमा के मरीजों, बच्चों और बुजुर्गों को बेहद ही परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मेदांता अस्पताल के चेस्ट सर्जरी इंस्टिट्यूट के चेयरमैन डॉ. अरविंद कुमार ने बताया किइन दिनों आंखों में जलन, सूजन और लालिमा, आंखों से पानी आने, आंखों में सूखापन और खुजली ,नाक में जलन और होठों पर अजीब स्वाद आने की समस्या के साथ लोग अस्पतालों में आ रहे हैं। अगर आप अपनी जीभ को छूते हैं तो धातु का स्वाद होता आता है, गले में भी दर्द होता है।
अरविंद कुमार ने कहा कि, जैसे ही धुआं छाती के अंदर जाता है, यह श्वासनली, फेफड़ों में तत्काल तीव्र सूजन का कारण बनता है। फिर ये जहरीले रसायन फेफड़ों में अवशोषित हो जाते हैं। रक्त में चले जाते हैं। जिसके माध्यम से वे सिर से पैर तक हर जगह फैलते हैं, हर अंग को प्रभावित करते हैं। ये सभी प्रदूषण के अल्पकालिक प्रभाव हैं, जबकि इससे लंबे समय तक बनी रहने वाली स्वास्थ्य समस्याओं का भी खतरा हो सकता है।
अरविंद कुमार ने कहा कि, हमारे यहां आईसीयू में सीने में संक्रमण, निमोनिया के साथ आने वाले लोगों की संख्या में इजाफा हुआ है। यह इस बात का प्रमाण है कि, प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। निमोनिया और छाती में संक्रमण केचलते आईसीयू में भर्ती होने वाले लोगों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि इससे दिमाग पर भी असर पड़ रहा है और बच्चों के चिड़चिड़े होने का खतरा है। वहीं बुजुर्ग लोगों में इस पलूशन के चलते स्ट्रोक का खतरा 10 गुना तक बढ़ सकता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक शहर का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 354 के करीब रहा। स्वास्थ्य विशेषज्ञ 300 से इससे अधिक के एक्यूआई लेवल को सेहत के लिहाजे से बेहद गंभीर मानते हैं। राजधानी का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 373 दर्ज किया गया। इसके अलावा 1 नवंबर को फरीदाबाद में 403, मानेसर में 393, गुरुग्राम 390, बहादुर गढ़ में 400, सोनीपत 350, कैथल में 350, ग्रेटर नोएडा में 402, नोएडा में 398, गाजियाबाद में 381 AQI था।
इस दूषित हवा में काम तो दूर सांस लेना तक दूभर हो गया है। इस दौरान दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने लोगों से वर्क फ्रॉम होम करने की अपील की है। उन्होंने सलाह दी है कि जो भी लोग ऑफिस जा रहे हैं वह कार या बाइक शेयर करें। इससे कम गाड़ियां सड़क पर निकलेंगी।












Click it and Unblock the Notifications