Delhi Advertisements : ₹ 164 करोड़ चुकाने के नोटिस पर AAP भड़की, बताया DIP की मनमानी
दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार के प्रचार में सरकारी साधनों के इस्तेमाल का आरोप लगने पर उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने 97 करोड़ रुपये वसूलने के निर्देश दिए थे। अब DIP से 164 करोड़ का नोटिस मिलने पर AAP भड़क उठी है।

दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद कई बार प्रचार पर अंधाधुंध पैसे खर्च करने और सरकारी प्रचार के बहाने पार्टी का राजनीतिक प्रचार करने के लिए करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाने के आरोपों के बाद उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने 97 करोड़ रुपये वसूलने का निर्देश दिया। अब DIP की तरफ से मिले 164 करोड़ के नोटिस से आप तिलमिला गई है।

केजरीवाल को 10 दिन में चुकाने होंगे 164 करोड़
दरअसल, दिल्ली प्रशासन में सूचना एवं प्रचार निदेशालय (डीआईपी) ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को 164 करोड़ रुपये की वसूली का नोटिस जारी किया है। राशि का भुगतान 10 दिनों के भीतर करने का निर्देश दिया गया है। समाचार एजेंसी ANI ने सूत्रों के हवाले से ये खबर दी।

राजनीतिक विज्ञापन पर बहाए करोड़ों रुपये !
सूचना एवं प्रचार निदेशालय (डीआईपी) का 164 करोड़ रुपये का नोटिस दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना के निर्देश के बाद आया है। एलजी विनय कुमार सक्सेना ने मुख्य सचिव को आप से 97 करोड़ रुपये वसूलने का निर्देश दिया था। रिपोर्ट के मुताबिक करीब 7-8 साल पहले आम आदमी पार्टी ने सरकारी साधनों का इस्तेमाल कर राजनीतिक विज्ञापन पर करोड़ों रुपये खर्च किए। 2015-2016 के दौरान सरकारी विज्ञापनों की आड़ में प्रकाशित राजनीतिक विज्ञापनों का संज्ञान लेते हुए एलजी वीके सक्सेना ने पैसे वसूलने के निर्देश दिए थे।
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DIP से नोटिस मिलने के बाद आम आदमी पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी और नोटिस को डीआईपी की मनमानी करार दिया। सूचना एवं प्रचार निदेशालय के सचिव को भेजे गए जवाब में AAP ने लिखा, "लगभग 164 करोड़ रुपये की मांग मनमाना, विकृत और तथ्यों और कानून के प्रावधानों और मौजूदा नीतियों के विपरीत है।"

AAP ने डीआईपी को उन विज्ञापनों की प्रतियां भेजने को कहा, जिनके आलोक में लागत वसूलने का नोटिस भेजा गया है। आप ने कहा कि जिन विज्ञापनों के आलोक में DIP AAP से दोबारा पैसे वसूलना चाहती है, उसकी तस्वीरें या कॉपी भेजी जाए।












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