Deepfake Technology: लोकतंत्र के लिए खतरा है डीपफेक! सरकार की कड़ी नजर, उठाया बड़ा कदम
डीपफेक तकनीकी के प्रयोग को लेकर आशंकाएं बढ़ती जा रही हैं। अब तो इससे लोकतंत्र के लिए खतरे का भी डर बताया जा रहा है। ऐसे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस तकनीकी के प्रयोग को लेकर सरकार की कड़ी नजर है। डीपफेक वीडियो के खिलाफ मामले दर्ज करने के लिए केंद्र सरकार ने एक स्पेशल ऑफिसर नियुक्त किया है।
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया पर डीपफेक वीडियो को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि सरकार ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर डीपफेक वीडियो को देखने और इसके खिलाफ मामले दर्ज करने में लिए एक विशेष अधिकारी नियुक्त करेगी।

एक बयान में इलेक्ट्रॉनिक्स और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा, " इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी नियम 7 के तहत नियुक्त अधिकारी एक ऐसा मंच तैयार करेगा जहां प्लेटफार्म्स के कानून के उल्लंघन पर कार्रवाई आसान होगी। नियम सात अधिकारी उक्त डिजिटल प्लेटफॉर्म की जानकारी लेंगे। ऐसे में नागरिकों के लिए प्लेटफॉर्म द्वारा सरकार को कानून के उल्लंघन की रिपोर्ट करना बहुत सरल हो जाएगा।"
गुरुवार को केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने इसकी घोषणा करते हुए कहा, "आज से, MeitY और भारत सरकार एक नियम सात अधिकारी को नामित करेगी, जो सभी प्लेटफार्म्स पर शत प्रतिशत नियमों का अनुपालन सुनिश्चित कराएगं।"
सरकार ने डीपफेक को लेकर इस तरह के सख्त कदम ऐसे समय में उठाए हैं जब इंटरनेट पर शेयर किए जाने वाले डीपफेक वीडियो की संख्या बढ़ रही है। दरअसल, पिछले महीने में कैटरीना कैफ, काजोल और रश्मिका मंदाना समेत कई बॉलीवुड अभिनेताओं के डीपफेक वीडियो वायरल हुए थे।












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