अब टोसीलिजुमैब से होगा कोविड मरीजों का इलाज, DGCI ने दी आपातकालीन मंजूरी
नई दिल्ली, सितंबर 06: हैदराबाद स्थित हेटेरो को वयस्कों में कोविड के इलाज के लिए इमरजेंसी उपयोग की अनुमति मिल गई है। कंपनी ने सोमवार को ऐलान किया कि उसे ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) से आपातकालीन उपयोग प्राधिकरण (ईयूए) प्राप्त हुआ है। वह कोरोनो वायरस बीमारी के कारण अस्पताल में भर्ती वयस्कों के इलाज के लिए गठिया विरोधी दवा टोसीलिज़ुमैब के जेनेरिक वेरिएंट के लिए इमरजेंसी इस्तेमाल कर सकता है।
Recommended Video

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, कोविड -19 विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने जुलाई में सिफारिश की थी कि गंभीर रूप से बीमार कोविड -19 रोगियों के लिए इस दवा का इस्तेमाल किया जा सकता है। मंजूरी के बाद अब अस्पताल में भर्ती वयस्कों में कोरोना के इलाज के लिए जेनेरिक दवा टोसिलिजुमैब का इस्तेमाल डॉक्टर कर पाएंगे। कंपनी ने बयान में कहा कि ये दवा ऐसे मरीजों पर इस्तेमाल की जा सकेगी, जो सिस्टेमैटिक कॉर्टिकोस्टेरॉइड, जरूरी सप्लीमेंटल ऑक्सीजन, वेंटीलेटर और एक्स्ट्राकॉर्पोरल मेंमबरेन ऑक्सीजनसेशन पर हैं।
TOCIRA (Tocilizumab) का मार्केटिंग उसकी सहयोगी कंपनी हेटेरो हेल्थकेयर भारत में करेगी। इसके मजबूत नेटवर्क के जरिए पूरे देश में इसे बेहतर करने के लिए लगातार काम किया जाएगा। हेटेरो की बायोलॉजिक्स यूनिट 'हेटेरो बायोफार्मा' हैदराबाद में अपनी बायोलॉजिक्स फैसिलिटी में इस दवा का प्रोडक्शन करेगी। टोसीरा बायोसिमिलर का वर्जन है और सितंबर के अंत तक देश में उपलब्ध होगी।
हेटेरो ग्रुप के अध्यक्ष डा बी पार्थ सारधी रेड्डी ने कहा, 'हम भारत में हेटेरो के टोसीलिजुमैब (टोसीरा) को मिले अप्रूवल से खुश हैं। यह हमारी तकनीकी क्षमताओं और कोविड देखभाल के लिए महत्वपूर्ण चिकित्सीय लाने की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है। टोसीलिजुमैब की वैश्विक कमी को देखते हुए भारत में आपूर्ति सुरक्षा के लिए यह अप्रूवल अत्यंत महत्वपूर्ण है। हम समान वितरण सुनिश्चित करने के लिए सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे।'












Click it and Unblock the Notifications