देशभर में दही हांडी उत्सव की धूम, मुंबई में 1 गोविंदा की मौत, 45 घायल
मुंबई। कृष्ण जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर महाराष्ट्र समेत पूरे देश में 'दही-हांडी' का उत्सव मनाया जा रहा है। बात सिर्फ अगर महाराष्ट्र की करें तो यहां के कई इलाकों में गोविंदाओं की कई टोली बाहर निकली है। कई इलाकों में मटकी तोड़ने पर लाखों के इनाम रखे गए हैं। सबसे ज्यादा 25 लाख रुपये का पुरस्कार घाटकोपर वेस्ट के बीजेपी विधायक राम कदम के पंडाल पर रखा गया है। घाटकोपर में इस कार्यक्रम में शिकरत करने फिल्म अभिनेता अर्जुन रामपाल और जितेंद्र भी पहुंचे हैं।

1 की मौत, कई जगह घायल हुए गोविंदा
पालघर जिले के धनसार काशी पड़ा निवासी रोहन गोपीनाथ (21 साल) की मौत हो गई। पालघर के अधिकारियों का कहना है कि लड़के ने जब पिरामिड पर चढ़ने की कोशिश तो उसे मिर्गी का दौरा पड़ गया। खबर के मुताबिक इस समारोह के दौरान समूह पिरामिड बनाते हुए कम से कम 45 लोग घायल हो गए।
नगर निकाय के अधिकारियों ने कहा कि शाम पांच बजे तक मुंबई में करीब 45 गोविंदा घायल हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि घायलों में एक की हालत गंभीर है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जबकि अन्य लोगों का प्राथमिक उपचार करने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
त्योहार मनाने के पीछे की कहानी
बता दें कि दही हांडी का त्योहार मनाने के पीछे की कहानी काफी पौराणिक है। यह कहानी श्री कृष्ण की माखन चुराने की कथा से जुड़ी हुई है। यह पर्व हर साल अगस्त के महीने में मनाया जाता है। दही हांडी उत्सव में खासकर युवा पूरे जोश के साथ भाग लेते हैं। मुंबई के अलग-अलग शहरों जैसे दादर और थाणे में इस उत्सव की एक अलग ही छटा देखने को मिलती है।
क्या है दही-हांडी
दही-हांडी उत्सव में मटकी तोड़ने प्रतियोगिता होती है. इसमें ऊंचाई पर हांडी को लटकाया जाता है। इसके बाद युवा गोविंदाओं की टोली एक दूसरे पर चढ़कर हांडी को फोड़ने का प्रयास करती है। पंडाल में तेज आवाज में गाने बजाकर गोपालों का उत्साह बढ़ाया जाता है।
वहीं उत्सव देखने आए लोग हांडी फोड़ने वालों पर पानी फेंककर उनका काम मुश्किल बनाने की कोशिश भी करते हैं। कुछ साल पहले तक इस उत्सव में लड़कों का बोलबाला था, लेकिन अब लड़कियों ने भी अपने ग्रुप बनाकर आयोजन में हिस्सा लेना शुरू कर दिया है।












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