पूर्व क्रिकेटर केविन पीटरसन ने पूछा इंडिया में पेड़ पर कलर क्यों किया जाता है? क्या आपको पता है?
इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर केविन पीटरसन ने भारत में पेड़ों पर इस्तेमाल किए जाने वाले एक खास प्रयोग को बारे में जानना चाहा है। भारत में बाई रोड यात्रा के दौरान एक वीडियो शूट कर उन्होंने कलर किए वृक्षों को देखा और सवाल किया कि सड़क के किनारे लगे वृक्षों को अखिर सफेद और लाल (गेरुए) रंग की पट्टी के लुक में क्यों रंगा जाता है। वाकई ये सवाल भारत के भी कई लोगों को मन में होता है। दरअसल, पेड के तनों के रंगने के लिए जिस मैटीरियल का प्रयोग किया जाता है, इससे पीछे साइंटिफिक रीजन भी है।
इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर केविन पीटरसन ने आईपीएल 2024 को लेकर सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के दिनेश कार्तिक की शानदार 83 रनों की पारी की सराहना की थी। उन्होंने कहा कि किसी भी कमेंटेटर को इतनी अच्छी बल्लेबाजी करते कभी नहीं देखा। दरअसल, आईपीएल 2024 में हाई-ऑक्टेन क्लैश के बीच, कार्तिक ने बैटिंग मास्टरक्लास की शुरुआत करते हुए सिर्फ 35 गेंदों पर विस्फोटक 83 रन की पारी खेली थी।

वही अब एक बार फिर पूर्व क्रिकेटर ने भारत में वृक्षों पर कलर को लेकर सवाल पूछा है। ऐसे में पेड़ों पर कलर क्यों किया जाता है, ये जानना बेहद जरूरी है। दरअसल, भारत में वन विभाग समय- समय पर वृक्षारोपड़ का कार्यक्रम संचालित करता है। इसे एक अभियान के रूप भी भारत में शुरू किया जाता। इस अभियान के साथ पहले से लगे वृक्षों को संरक्षित करने के लिए भी कई तरह के कार्यक्रम चलाए जाते हैं।
Please can you explain why these trees are all painted? pic.twitter.com/UGhf6KTXiZ
— Kevin Pietersen🦏 (@KP24) April 17, 2024
वृक्षों को क्यों किया जाता है कलर?
भारत में पेड़ों के निचले हिस्से में पेंट करने के पीछे उन्हें संरक्षित करने का उद्देश्य होता। दरअसल पेड़ों में कीड़ों के लगने से कई बार छाल निकलने लगती है और दरारें आ जाती हैं। जिसके चलते पेड़ कमजोर हो जाते हैं। ऐसे में पेड़ के तनों मं कीड़ा लगने से उन्हें बचाने के लिए कलर किया जाता है।
बढ़ जाता हैं पेड़ों को उम्र
पेड़ों को पेंट करने से उनमें दीमक या कीड़े नहीं लगते हैं। अक्सर वृक्ष के तनों को कलर करने के लिए चूने का प्रयोग किया जाता है। जिससे तने पर दीमक नहीं लगते और पेड़ों को खोखला होने से बचा लिया जाता है।
राष्ट्रीय राजमार्ग की सड़क के किनारे लगे पेड़ों को भी सफेद रंग से रंगा जाता है, ताकि रात के अंधेरे में भी ये पेड़ अपनी चमक के कारण आसानी से देखे जा सकते हैं। कलर करने का एक और उद्देश्य होता है, कि पेड़ वन विभाग की नजर में हैं और उनकी कटाई नहीं की जा सकती है।












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