Covid19: महाभारत के दुर्योधन बोले, उस समय दुश्मन कौरव थे और आज कोरोना है

नई दिल्ली। देश में कोरोना की वजह से 21 दिनों का लॉकडाउन है,इसी बीच जनता की मांग पर डीडी पर देश के दो ऐतिहासिक धारावाहिक 'रामायण' और 'महाभारत' की वापसी हुई है। बीआर चोपड़ा के लोकप्रिय धारावाहिक 'महाभारत' में दु्र्योधन का किरादर निभाने वाले अभिनेता पुनीत इस्सर ने कोरोना वायरस की तुलना कौरवों से की है।

'तब दुश्मन कौरव थे और आज कोरोना है'

'तब दुश्मन कौरव थे और आज कोरोना है'

एक न्यूज चैनल से बात करते हुए पुनीत ने कहा कि महाभारत की लड़ाई आज से लगभग 5000 साल पहले द्वापर युग में लड़ी गई थी, उस समय पांडवों ने कौरवों का सामना किया था लेकिन आज दुश्मन की शक्ल बदल चुकी है, तब दुश्मन कौरव थे और कलयुग में दुश्मन कोरोना है, इन दोनों में एक गहरा नाता है। हम सभी को घर में रहकर इस वायरस का सामना करना है। यह जिंदगी और मौत की लड़ाई है और मुझे यकीन है कि पांडवों की तरह हम भी इस लड़ाई को जीतेंगे।

 'रामायण-महाभारत से लोग होंगे गलियों से दूर'

'रामायण-महाभारत से लोग होंगे गलियों से दूर'

पुनीत इस्सर ने कहा कि यह अपने आप में एक बहुत बड़ी बात है कि इतने साल बाद भी इस शो का प्रभाव कायम है, इतिहास अपने आप को दोहरा रहा है, जब 'रामायण' और 'महाभारत' टीवी पर आते थे कि तो गलियां सूनी और सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता था, मुझे लगता है कि ऐसा एक बार फिर से होने जा रहा है, इन दोनों सीरयल की वजह से एक बार फिर गलियों पर सन्नाटा पसर जाएगा, मुझे पूरा यकीन है कि सोशल मीडिया वाली पीढ़ी को भी इन कार्यक्रमों से बहुत कुछ सीखने को मिलेगा।

'लोगों को सही और गलत बताएंगे रामायण-महाभारत'

'लोगों को सही और गलत बताएंगे रामायण-महाभारत'

अभिनेता ने आगे कहा कि मुझे पूरा भरोसा है कि 'रामायण' और 'महाभारत' लोगों को सही और गलत में अंतर करना बताएंगे, बच्चों को पता चलेगा कि सच और गलत क्या है। मालूम हो कि 28 मार्च से 'महाभारत' सीरियल दोपहर 12 बजे और शाम 7 बजे डीडी भारती पर प्रसारित किया जा रहा है, सरकार के इस फैसले से आम जनता काफी खुश है।

9 करोड़ रु. खर्च हुए थे 'महाभारत' को बनाने में

9 करोड़ रु. खर्च हुए थे 'महाभारत' को बनाने में

आपको बता दें कि 1988 से 1990 के दौरान प्रसारित हुए 'महाभारत' टीवी सीरीज की मेकिंग में तकरीबन 9 करोड़ रु. खर्च हुए थे। 'महाभारत' को लेकर भी लोगों के बीच एक अलग ही जोश देखने को मिलता था, इसे देखने के लिए लोग टीवी के सामने बैठ जाते थे सड़कों और गलियों में एकदम सन्नाटा रहता था, किसी के यहां अगर टीवी नहीं है, तो वे या तो पड़ोसियों के यहां चले जाते या फिर खुद ही बैटरी का जुगाड़ कर लेते ताकि 'महाभारत' का एक भी एपिसोड न छूटे।

पुनीत इस्सर को 6 साल तक झेलना पड़ा था लोगों का गुस्सा

पुनीत इस्सर को 6 साल तक झेलना पड़ा था लोगों का गुस्सा

मालूम हो कि पुनीत इस्सर को सबसे अधिक ख्याति बीआर चोपड़ा के महाभारत धारावाहिक में दुर्योधन के चरित्र को निभाकर ही मिली, उसके अलावा इन्होने सलमान खान द्वारा अभिनीत फ़िल्म गर्व (2204) का भी निर्देशन किया है, वर्ष 1983 में फ़िल्म कुली की शूटिंग के दौरान एक स्टंट में इनके हाथों अमिताभ बच्चन को गंभीर चोट लग गई थी, जिसकी वजह अमिताभ को जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़नी पड़ी थी, हालांकि इन्होंने हमेशा कहा है की चोट इनके हाथ से न लगकर अमिताभ के पीछे रखे लकड़ी के पटरे से लगी थी, फिर भी काफी दिनों तक पुनीत को प्रेस और अमिताभ के प्रशंसकों का गुस्सा झेलना पड़ा था। हालात इतने बुरे थे की इन्हे धमकी और नफरत भरे पत्र भी मिला करते थे।

'महाभारत' ने बदली पुनीत की जिंदगी

'महाभारत' ने बदली पुनीत की जिंदगी

मगर जब अस्पताल से ठीक होकर बाहर आए अमिताभ बच्चन ने स्वयं इनके साथ बाहर आकर प्रशंसकों से अनुरोध किया की पुनीत के ऊपर व्यर्थ का गुस्सा न निकालें, तब जाकर लोगों का गुस्सा शांत हुआ था लेकिन इसके बाद भी पुनीत को अच्छा काम नहीं मिला और करीब 6 वर्ष तक बॉलीवुड से लगभग बहिष्कृत पुनीत को बीआर चोपड़ा ने अपने पौराणिक धारावाहिक 'महाभारत' में दुर्योधन का किरदार निभाने को दिया और यही किरदार इनके लिए मील के पत्थर साबित हुआ।

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