यूपी-हरियाणा के लोग यहां आकर भर्ती होंगे, तो दिल्ली की समस्या तो बढ़ेगी ही: सत्येंद्र जैन
नई दिल्ली। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राजधानी में कोरोना वायरस की स्थित पर जानकारी दी। उन्होंने कहा, दिल्ली में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हालांकि इससे घबराने की जरूरत नहीं है, हम अस्पतालों में बेड की व्यवस्था कर रहे हैं। जरूरत पड़ी तो बैंक्वेट हॉल, होटल और स्टेडियमों को भी COVID-19 अस्पताल में तब्दील कर दिया जाएगा। बता दें कि दिल्ली में अभी कोरोना वायरस के कुल 27,654 मामलों की पुष्टि हुई है। महामारी से अब तक 761 लोगों की मौत हो चुकी है।

सत्येंद्र जैन ने कहा, 'यदि एक व्यक्ति संक्रमित हो जाता है, तो उसे ठीक होने में लगभग 2 सप्ताह लगते हैं और इस अवधि के दौरान वे लगभग 2-10 अन्य पीपीएल संक्रमित करते हैं। वर्तमान स्थिति को देखते हुए, यह उम्मीद है कि अगले 12-15 दिनों में, लगभग 30,000 अधिक मामले होंगे।' उन्होंने बताया कि बेडों को बढ़ाने के आदेश जारी किए गए हैं। अगले 2-3 दिनों में 2000 तक बेड। उम्मीद है कि जून के अंत तक हमें 15000 बिस्तरों की आवश्यकता होगी। हम आवश्यकता पड़ने पर बैंक्वेट हॉल, होटल और स्टेडियम में उपलब्ध स्थान का भी उपयोग करेंगे। हम उसी के अनुसार काम कर रहे हैं।
हरियाणा और उत्तर प्रदेश में दिल्ली से ज्यादा मामले
अस्पतालों में इलाज को लेकर दिल्ली सरकार द्वारा जारी आदेश पर बीजेपी को निशाने पर लेते हुए सत्येंद्र जैन ने कहा, 'हरियाणा और उत्तर प्रदेश टेस्ट तो करते नहीं हैं। हरियाणा कहता है कि हमारे यहां 1,000 सक्रिय मामले हैं, उत्तर प्रदेश इतना बड़ा राज्य कहता है कि 2,000-3,000 सक्रिय मामले हैं। लेकिन उनके यहां बीमार खूब हैं। वहां पॉजिटिव केस हैं, अब वो लोग दिल्ली आकर ही टेस्ट कराएंगे, यहीं भर्ती होंगे तो दिल्ली में तो समस्या आएगी ही। अगर उनके यहां जरूरत नहीं है तो चिल्ला क्यों रहे हैं।'
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दिल्ली में कोरोना का सामाजिक फैलाव
स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन से पूछा गया कि दिल्ली सरकार एक्टिव कोरोना मामलों के संबंध की जांच नहीं कर रही है। इस पर उन्होंने कहा, दिल्ली में कोरोना वायरस का समाजिक फैलाव हो रहा है, लेकिन यह एक तकनीकी समस्या है इसलिए इस पर केंद्र द्वारा ही घोषित किया जा सकता है कि सामुदायिक प्रसारण है या नहीं। बता दें कि दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने भी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'जितने बेड हमें दिल्ली के लोगों के लिए चाहिए उतने ही दिल्ली के बाहर से आने वाले लोगों के लिए भी चाहिए। 15जुलाई को दिल्लीवालों के लिए 33,000 बेड चाहिए तो बाहर वाले भी मिलाएंगे तो कुल 65,000 बेड चाहिए।'












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