कोरोना: वैक्सीन की 2 डोज लेने से 95% कम हो जाता है मौत का खतरा, दूसरी लहर में बची कई जानें
नई दिल्ली, 16 जुलाई। कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर में अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन और दवाईयों की किल्लत के चलते लाखों लोगों अपनी जानें गंवानी पड़ी। हालांकि कोविड की सेकंड वेव थमने के बाद केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस के टीकाकरण अभियान को तेज कर दिया है। इस बीच कोविड टास्क फोर्स के प्रमुख ने कोविड से होने वाली मौतों को लेकर बड़ी जानकारी दी है। उनके मुताबिक कोविड की दूसरी लहर में वैक्सीन की वजह से कई लोगों की जानें बची हैं।
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भारत की कोविड-19 टास्क फोर्स के प्रमुख डॉक्टर वीके पॉल ने शुक्रवार को बताया कि कोविड वैक्सीन की दोनों खुराक लेने की वजह से दूसरी लहर के दौरान 95 फीसदी हो सकने वाली मौतें टल गईं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेस में नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वीके पॉल ने आगे कहा कि कोविड वैक्सीन की पहली डोज लेने वालों में मौत का खतरा 85 फीसदी तक कम हो जाता है, वहीं दोनों खुराक ले चुके लोगों में 95 प्रतिशत तक यह खतरा कम हो जाता है। वीके पॉल ने यह दावा इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) का हवाला देते हुए किया।
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अब तक कितनों को लगी पहली और दूसरी डोज
वीके पॉल ने कहा कि आईसीएमआर की एक स्टडी में यह बात सामने आई है कि कोविड वैक्सीन लेने से मौत का खतरा काफी कम हो जाता है। इसके अलावा टीका लगवाने के बाद अस्पताल में भर्ती होनो की नौबत भी काफी कम हो जाती है। यही वजह है कि देशभर में टीकाकरण अभियान युद्धस्तर पर जारी है। वीके पॉल ने बताया कि अब तक देश में 39.4 करोड़ डोज दी जा चुकी हैं। वहीं, स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि देश में अब तक 31.6 करोड़ पहली डोज और 7.92 करोड़ दूसरी डोज दी गई हैं। 4 मई के हफ्ते में ऐसे 531 जिले थे जहां रोज़ 100 से ज्यादा नए मामले सामने आ रहे थे। अब ऐसे सिर्फ 73 जिले रह गए हैं।












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