हल्के कोरोना लक्षणों से रिकवर हुए मरीजों में जीवन भर तक बनी रह सकती है एंटीबॉडी- स्टडी

नई दिल्ली, मई 29। कोरोना वायरस से हमें सुरक्षित रखने में सबसे बड़ा योगदान हमारे शरीर में मौजूद एंटीबॉडी का होता है, लेकिन पिछले एक साल से ये लगातार चर्चा का विषय रहा है कि हमारे शरीर में एंटीबॉडी कब तक मौजूद रहती है और वो भी कोरोना से रिकवर होने के बाद। अब इसका जवाब वैज्ञानिकों ने ढूंढ निकाला है। सेंट लुइस में वाशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ताओं के द्वारा की गई एक स्टडी में सामने आया है कि कोरोना के हल्के लक्षणों से रिकवर होने वाले मरीजों के अंदर एंटीबॉडी काफी महीनों तक बनी रह सकती हैं और किसी-किसी केस में तो ये जीवन भर बनी रह सकती हैं।

coronavirus

Recommended Video

    Coronavirus India: UK में कोरोना की Third Wave !, भारत के लिए कितनी चिंताजनक ? | वनइंडिया हिंदी

    11 महीने से भी अधिक समय तक बनी रह सकती हैं एंटीबॉडी

    शोधकर्ताओं ने इस स्टडी में माना है कि इस महामारी के शुरुआत में वायरस के एंटीबॉडीज के जल्द खत्म होने की जो दावे किए गए थे, भ्रमित करने वाले थे। नेचर जर्नल में प्रकाशित इस स्टडी की रिपोर्ट में कहा गया है कि बोन मैरो में मौजूद इम्युन सेल्स खून में गिरावट के स्तर के बाद भी एंटीबॉडी बना रही हैं। स्टडी के नतीजों ने दिखाया कि मरीजों में सात से 11 महीने तक एंटीबॉडी मौजूद रहीं और किसी-किसी में जीवन भर ये मौजूद रह सकती हैं।

    एंटीबॉडी का स्तर नीचे जाना सामान्य बात है

    वाशिंगटन यूनिवर्सिटी के मेडिसिन एंड मॉल्यूकिलर माइक्रोबायोलॉजी में पैथोलॉजी और इम्युनोलॉजी के एसोसिएट प्रोफेसर और वरिष्ठ लेखक डॉ अली एलेबेदी ने कहा कि पिछले साल ऐसी खबरें थीं कि संक्रमण के बाद एंटीबॉडी जल्दी खत्म हो जाती हैं। मीडिया ने इसका अर्थ निकाला कि इम्युन लंबे समय तक नहीं हो सकता है, लेकिन डॉ अली एलेबेदी ने कहा कि ये जानकारी भ्रमित करने वाली है। डॉक्टर अली एलेबेदी ने कहा है कि तेजी से संक्रमण होने के बाद शरीर में एंटीबॉडी का स्तर नीचे जाना सामान्य बात है, लेकिन वे शून्य से नीचे नहीं जा सकते हैं।

    77 मरीजों को स्टडी में किया गया शामिल

    आपको बता दें कि इस स्टडी में कोरोना के हल्के लक्षण वाले 77 मरीजों को शामिल किया गया, जिसमें से छह लोगों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ी। संक्रमित हुए प्रतिभागियों ने तीन महीने तक लगातार खून के सैंपल दिए। हालांकि, संक्रमण के कुछ महीनों बाद एंटीबॉडी का स्तर गिरने लगा, लेकिन ये पूरी तरह से खत्म नहीं हुई। नतीजों ने दिखाया कि वैज्ञानिकों को कोरोना संक्रमित मरीज के शरीर में 11 महीनों तक इम्युन कोशिकाएं देखने को मिलीं।

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+