लॉकडाउन के बीच ही पड़ रहा शब-ए-बारात, पोस्टर जारी कर दिल्ली पुलिस ने की ये अपील
नई दिल्ली। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए अब दिल्ली पुलिस सख्ती बरत रही है। बिना किसी काम के घरों से बाहर निकलने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। जरूरत पड़ने पर उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज किया जा रहा है। इसके अलावा हर तरह के आयोजनों पर रोक लगा दी गई है। ऐसे में 8 और 9 अप्रैल को शब-ए-बरात है। दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है। ट्वीट करके दिल्ली पुलिस ने लोगों से घर से बाहर न जाने की अपील की है। पुलिस ने एक फोटो शेयर करके लिखा है इस शब-ए-बरात के मौके पर अपने घरों से बाहर न निकलें। कोविड-19 से जंग में हमें सपोर्ट करें। 8 और 9 अप्रैल को भी लॉकडाउन जारी होगा।

इसके लिए मुस्लिम धर्मगुरुओं और समाज के जागरूक लोगों से बात करके लगातार लोगों को यह समझाने की कोशिश की जा रही है कि कोरोना के खतरे को ध्यान में रखते हुए इस बार संयम और सादगी के साथ घरों में रहकर ही इबादत करें। इसी पहल के तहत दिल्ली पुलिस ने रविवार को एक पोस्टर भी जारी किया है, जिसके जरिए मुस्लिम समुदाय के लोगों, खासकर युवाओं से लॉकडाउन का पालन करने की अपील करने के साथ-साथ यह चेतावनी भी दी गई है कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इसके लिए पुलिस महकमे ने जरूरी तैयारियां भी शुरू कर दी है। बुधवार से ही एक्स्ट्रा फोर्स तैनात की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अमन और शांति के साथ लोग घरों में रहकर ही इस बार यह त्योहार मनाएं। आपको बता दें कि आमतौर पर इस त्योहार के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोग रात को बड़ी तादाद में घरों से बाहर निकलते हैं और कब्रिस्तानों में जाकर गुजर चुके अपने परिवार के सदस्यों की कब्रों पर फूल चढ़ाते हैं और मोमबत्ती या चिराग जलाते हैं। साथ ही पूर्वजों का आह्वान कर अपने गुनाहों के लिए माफी मांगते हैं और अपने परिवार की सलामती के लिए दुआएं मांगते हैं।
दिल्ली में 503 हुई मरीजों की संख्या
निजामुद्दीन मरकज की वजह से दिल्ली में लगातार कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। रविवार को कोरोना पीड़ितों की संख्या बढ़ कर 503 हो गई। वहीं संक्रमण से मरने वालों की संख्या 7 हो गई है। सरकार के अनुसार रविवार को एक ही दिन में राधानी में 58 नए मामले दर्ज किए गए हैं और एक शख्स की मौत हुई है। इन मामलों में 320 वे लोग भी शामिल हैं जिन्होंने पिछले महीने निजामुद्दीन में आयोजित धार्मिक सम्मेलन में हिस्सा लिया था। कुल मामलों में से 18 लोगों को ठीक होने के बाद अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है और एक व्यक्ति विदेश चला गया है।












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