भारत को मिलेगी चौथी वैक्सीन! बायोलॉजिकल-ई को तीसरे फेज के ट्रायल की मिली मंजूरी
भारत को मिलेगी चौथी वैक्सीन! बायोलॉजिकल-ई को तीसरे फेज के ट्रायल की मिली मंजूरी
नई दिल्ली, 24 अप्रैल: दवा कंपनी बायोलॉजिकल-ई लिमिटेड को अपनी कोरोना वैक्सीन के तीसरे फेज के क्लिनिकल ट्रायल के लिए इजाजत मिल गई है। बायोलॉजिकल-ई ने शनिवार को बताया है कि उसकी कोरोना वैक्सीन के दूसरे चरण का क्लिनिकल ट्रायल सफल रहा है। जिसके बाद तीसरे चरण के ट्रायल के लिए केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) और विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी) से फेज-3 ट्रायल के लिए आवेदन किया था। कंपनी ने बताया है कि सीडीएससीओ) और एसईसी ने तीसरे फेज के ट्रायल के लिए मंजूरी दे दी है।

हैदराबाद स्थित बायोलॉजिकल-ई लिमिटेड का कहना है कि वो अपनी कोरोना वैक्सीन के तीसरे फेज का ट्रायल काफी बड़े स्तर पर देश में 15 इलाकों में करेगी। इसमें 18 से 80 साल के 1200 से ज्यादा लोगों पर परीक्षण किया जाएगा। इस वैक्सीन के इस साल अगस्त या सितंबर तक आ जाने की उम्मीद की जा रही है।
इस समय दो वैक्सीन देश में दी जा रही
देश में इस समय कोरोना वायरस के खिलाफ जो वैक्सीन दी जा रही है। उसमें एक भारत बायोटेक की कोवैक्सीन है, जो कि स्वदेशी है। दूसरी सीरम इंस्टीट्यूट में बन रही कोविशील्ड है। एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन को सीरम इंस्टीट्यूट कोविशील्ड के नाम से बना रहा है। इन दो वैक्सीन को ही शुरू में मंजूरी दी गई थी। जिसके बाद जनवरी में देश में टीकाकरण अभियान शुरू हो गया था।
हाल ही में रूस की कोरोना वैक्सीन 'स्पुतनिक वी' को भी एक्सपर्ट कमिटी ने आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है। ये कोरोना की तीसरी वैक्सीन है, जो देश को मिली है। कोविशील्ड, कोवैक्सीन और स्पुतनिक के बाद अब बायोलॉजिकल ई लिमिटेड को अगले चरण क ट्रायल को मंजूरी मिलने से चौथी वैक्सीन मिलने की उम्मीद जगी है। है। इस वैक्सीन को भारत में ही तैयार किया गया है, यानी यह स्वदेसी वैक्सीन है। बायोलॉजिकल ई लिमिटेड की क्षमता हर महीने 7 करोड़ वैक्सीन का उत्पादन करने की है। ऐसे में उम्मीद है कि ये वैक्सीन देश में टीकाकरण को गति देने में अहम भूमिका अदा करेगी।












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