कोरोना टास्क फोर्स के चीफ Dr.VK Paul बोले, वैक्सीन बेहद सुरक्षित,एक भी मौत नहीं हुई, साइफ इफेक्ट सिर्फ 0.18%
कोरोना टास्क फोर्स के चीफ Dr.VK Paul बोले, वैक्सीन बेहद सुरक्षित,एक भी मौत नहीं हुई, साइफ इफेक्ट सिर्फ 0.18%
Corona Task Force Head DR. VK Paul on Vaccination Drive: देश में चल रहे सबसे बड़े कोरोना वैक्सीनेशन अभियान को लेकर नीति आयोग के सदस्य और कोरोना टास्क फोर्स के प्रमुख डॉक्टर वीके पॉल ने कहा है कि कोविड-19 वैक्सीन बेहद सुरक्षित है। डॉक्टर वीके पॉल ने कोरोना वायरस वैक्सीन (Coronavirus vaccine) की सुरक्षा को लेकर अफवाहों को खारिज कर दिया है। डॉ. वीके पॉल ने कहा है कि देश में अभी तक एक भी लोगों की मौत कोरोना वैक्सीन की वजह से नहीं हुई है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि ऐसी अफवाहों पर ध्यान ना दें। उन्होंने कहा कि ये यह तय हो गया है कि ये टीके सुरक्षित हैं।" भारत में 16 जनवरी 2021 को कोविड-19 टीकाकरण अभियान की शुरुआत की गई थी। भारत 18 दिन के भीतर 40 लाख लोगों को वैक्सीन लगाकर सबसे तेज गति से टीकाकरण करने वाला देश बन गया है।
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डॉक्टर वीके पॉल ने कहा, 40 लाख कोरोना वैक्सीन डोज देने के बाद बहुत ही कम साइड इफेक्ट (Adverse Events) देखे गए हैं। जैसे 1,150 व्यक्तियों में से एक व्यक्ति में साइड इफेक्ट देखने को मिला है। अभी तक किसी भी मौत के लिए भारत की दो वैक्सीन (कोवैक्सीन और कोविशील्ड) को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है। जिससे ये साबित होता है कि ये टीके बेहद सुरक्षित हैं।
कोरोना वैक्सीन से अब तक एक भी मौत नहीं, साइफ इफेक्ट सिर्फ 0.18 फीसदी: स्वास्थ्य मंत्रालय
स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने कहा, कोरोना वैक्सीनेशन से प्रभावित अबतक 19 लोगों की मौत हुई है। इन सभी मौतों का पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों के एक बोर्ड द्वारा किया गया है। राज्य एईएफआई समितियों ने इन सभी मामलों पर विचार-विमर्श किया है। जिसके बाद हम ये कह सकते हैं कि वैक्सीनेशन के कारण इन 19 लोगों की मौत नहीं हुई है। इस मामले पर जल्द ही राष्ट्रीय AEFI समिति की बैठक की जाएगी और विचार-विमर्श किया जाएगा। जिसके बाद डेटा सार्वजनिक डोमेन पर साझा किया जाएगा।
वैक्सीन की साइड इफेक्ट (adverse events vaccines) पर स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने कहा, साइड इफेक्ट सिर्फ 0.18 फीसदी दर्ज किए गए हैं। अभी तक हमने लाखों लोगों को टीका लगाया है, इनमें से सिर्फ 8563 लोगों में ही साइड इफेक्ट देखे गए हैं। ये कुल वैक्सीन लगा चुके लोगों का महज 0.18 प्रतिशत है।
SMS के जरिए सरकार मांग रही है फीडबैक
सरकार कोरोना वैक्सीन लगवाने वालों से sms के जरिए अब फीडबैक मांग रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वैक्सीन लगवाने वाले लोगों को sms भेजा जाएगा, जिसमें उनसे पूछा जाएगा कि उन्हें वैक्सीन दी गई है या नहीं। अगर जवाब- हां आता है, sms में आए एक यूआरएल (URL) पर क्लिक करने के बाद चार सवालों के जवाब मांगे जाएंगे।
ये होंगे वो चार सवाल
1- वैक्सीनेशन साइट पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया?
2- क्या स्टाफ ने वैक्सीनेशन प्रक्रिया के बारे में बताया?
3-क्या स्टाफ को वैक्सीनेशन के बाद होने वाली साइड इफेक्ट के बारे में जानकारी थी?
4- क्या स्टाफ ने वैक्सीनेशन के बाद 30 मिनट तक इंतजार करने के लिए कहा।












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