केरल में बढ़ते कोरोना मामलों ने फिर बढ़ाई चिंता, केंद्र ने कहा-सरकार नहीं दे रही है ध्यान
कोच्चि, जुलाई 27: स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों ने कहा है कि केरल सरकार कोविड को नियंत्रित करने पर ध्यान नहीं दे रही है, जिसके परिणामस्वरूप महाराष्ट्र सहित इस राज्य से कोरोना के 50 प्रतिशत तक नए मामले सामने आ रहे हैं। केंद्र ने कहा कि, केरल सरकार रोकथाम की तुलना में मामलों के इलाज की शमन प्रक्रिया पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। 50 प्रतिशत तक नए मामले केरल और महाराष्ट्र से आ रहे हैं। हालांकि यहां मृत्यु दर कम है क्योंकि उनका स्वास्थ्य ढांचा अच्छा है।

केरल में पिछले कई हफ्तों से लगातार बढ़ी संख्या में कोरोना के मामले रिपोर्ट किए गए हैं, यहां तक कि पूरे भारत में दूसरी लहर के शिखर के बाद से कोरोना मामलों में तेजी से गिरावट आ रही है। दक्षिणी राज्य में आज 22,129 नए मामले दर्ज किए और 156 लोगों की मौत हुई। राज्य में अभी भी पॉजिटिविटी रेट 12.35 प्रतिशत बना हुआ है। राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने कल कहा था कि राजधानी तिरुवनंतपुरम सहित इसके कई जिलों में टीकाकरण अभियान को रोकना पड़ा है।
केरल में इस महीने की शुरुआत में बढ़ते 'आर' मूल्य, यानि कोविड प्रजनन दर ने एक नए सिरे से चिंता पैदा कर दी थी। वीणा जॉर्ज ने कहा था कि केरल में बड़ी संख्या में कोविड संक्रमणों की निरंतर रिपोर्ट महामारी से लड़ने में राज्य की रणनीति का हिस्सा थी और आश्वासन दिया कि इससे किसी भी तरह का कोई खतरा पैदा नहीं होगा।
केरल में कोरोना वायरस संक्रमण के 22,129 नए मामले सामने आए हैं और 156 लोगों की मौत दर्ज की गई है। राज्य में पॉजिटिविटी रेट 12.35 फीसदी है। वहीं एक्टिव केस की संख्या बढ़कर 1,45,371 हो गई है। राज्य में संक्रमण से अब तक 31.43 लाख लोग ठीक हुए हैं और 16,326 लोगों की मौत हो चुकी है। मौजूदा समय में प्रदेश में सबसे बुरे हालात मालापुरम जिले के हैं। यहां 24 घंटे में करीब तीन हजार नए मामले सामने आए जबकि इसके बाद दूसरे नंबर पर कोझिकोड जिला वायरस से सबसे ज्यादा ग्रसित रहा। यहां 24 घंटे में 2379 नए कोविड के मामले सामने आए।












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