जानिये सेंसर बोर्ड की अध्यक्ष लीला सैमसन का विवादित कार्यकाल
(अंकुर सिंह) डेरा सच्चा सौदा प्रमुख बाबा राम रहीम की फिल्म मैसेंजर ऑफ गॉड परदे पर आने से पहले ही विवादों में आ चुकी है। सेंसर बोर्ड की अध्यक्ष लीला सैमसन सहित सभी सदस्यों ने इस फिल्म पर विवाद के चलते अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। लेकिन सेंसर बोर्ड कई बार अपनी कार्यप्रणाली के चलते विवादों में रह चुका है।

प्रियंका गांधी की डांस टीचर होने का लाभ मिला
लीला सैमसन को 1 अप्रैल 2011 में सेंसर बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। आपको बता दें कि लीला सैमसन एक मशहूर प्रख्यात भरतनाट्य नृत्यांगना हैं। लीला सैमसन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की बेटी प्रियंका गांधी की डांस टीचर भी रह चुकी हैं। लीला सैमसन को सेंसर बोर्ड का अध्यक्ष बनाये जाने पर उनके विरोधियों ने यह आरोप लगाया था कि उन्हें उनके राजनैतिक प्रभाव के चलते बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया था।
अनपढ़ बने सेंसर बोर्ड के सदस्य
यूपीए सरकार के कार्यकाल में कई ऐसे सदस्यों को सेंसर बोर्ड का सदस्य बनाया गया जिन्हें राजनैतिक स्वार्थ को साधने के लिए बोर्ड में डाला गया था। इसके खिलाफ हालांकि लीला सैमसन ने तत्कालीन सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी को पत्र लिखकर शिकायत की थी।
सैमसन ने पत्र लिखकर मंत्रालय से कहा था कि हाल ही में नियुक्त किये गये इन सदस्यों को अपना नाम तक लिखना नहीं आता है, ना ही इन सदस्यों में फिल्मों की समीक्षा करने की काबिलयत हैं। हालांकि मनीष तिवारी ने इस शिकायत पर कार्यवाही करने का आश्वासन तो दिया था लेकिन इन पर कोई कार्यवाही नहीं की थी ना ही लीला सैमसन ने इनके खिलाफ जाकर अपना इस्तीफा सौंपा था।
बोर्ड के सदस्य रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गये
लीला सैमसन जल्द ही सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष के पद से रिटायर होने वाली थी। आपको बता दें कि लीला सैमसन के सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष रहने के दौरान बोर्ड के सदस्यों पर बहुत सारे भ्रष्टाचार के आरोप लगाये गये थे। 2014 में अगस्त माह में बोर्ड मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश कुमार पर छत्तीसगढ़ की एक फिल्म के प्रमाणन के लिए 70000 रुपए रिश्वत लेते हुए सीबीआईन रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।
वहीं सीबीआई ने सीबीएफसी के सलाहकार समिति ते सदस्य सर्वेश जायसवाल व श्रीपति मिश्रा को भी भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि बोर्ड में इन आरोपों के बावजूद लीला सैमसन ने नैतिकता के आधार या बोर्ड पर लगातार भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बावजूद अपना इस्तीफा नहीं दिया था।
अश्लीलता, नशाखोरी और अंधविश्वास बढ़ाने वाली फिल्मों को बढ़ावा
लीला सैसमन के कार्यकाल के दौरान कई ऐसी फिल्में पर्दे पर आयी जिनके संवाद और दृश्यों ने जमकर अश्लीलता को खूब बढ़ावा दिया। गानों और फिल्मों में ऐसे शब्दों का चलन बढ़ा जिसने सिनेमा को कटघरे में खड़ा कर दिया था। केएलपीडी, ग्रैंड मस्ती, क्या सुपर कूल हैं हम, ये वो फिल्में है जिन्होंने अपने द्वीअर्थी संवादों की वजह से आलोचना का भी स्वीकार किया।
ये गाने जिन्हें सेंसर बोर्ड की स्वीकृति मिली
डेली बेली फिल्म का गाना- भाग-भाग डीके बोस
बॉस फिल्म का गाना- ऑटी पुलिस बुला लेगी
गैंग्स ऑफ वासेपुर- तेरी कह के लेंगे












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