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तिरंगे में पहुंचा शहीद का शव, बेटे ने पूछा- 'पापा आप ईद पर घर आने वाले थे, वादा क्यों तोड़ा'

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    Jammu And Kashmir

    श्रीनगर। ईद पर घर आने का वादा कर देश की सुरक्षा में गए कांस्टेबल गुलाम हसन वगाय और गुलाम रसूल लोन अब कभी अपने बच्चों से ये वादा नहीं निभा पाएंगे। कांस्टेबल गुलाम हसन वगाय और गुलाम रसूल लोन ने अपने बच्चों से वादा किया था कि इस बार वो ईद पर जरूर घर आएंगे। ईद नहीं, पर त्योहार से पहले दोनों जवान अपने घर पहुंचे लेकिन हाथ में बच्चों के लिए खिलौने नहीं थे, बल्कि शरीर तिरंगे में लिपटा हुआ था। बच्चे अपने पिता से बार-बार पूछ रहे थे कि उन्होंने ईद पर आने का वादा किया था, तो अब अकेल क्यों छोड़ दिया।

    ईद पर घर तो आए लेकिन...

    ईद पर घर तो आए लेकिन...

    जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकियों से लड़ते हुए कांस्टेबल गुलाम हसन वगाय और गुलाम रसूल लोन शहीद हो गए। पुलवामा स्थित कोर्ट कॉपलेक्स में आतंकियों ने पुलिस पर हमला कर दिया, जिसमें दोनों कांस्टेबल की मृत्यु हो गई। दोनों ही कांस्टेबल इस बार ईद पर अपने घर आने वाले थे, लेकिन अब उनके बच्चे बस चौखट पर अपने पिता की राह ताकते रह जाएंगे। त्योहार से ठीक पहले दोनों कांस्टेबल अपने-अपने घर पहुंचे, लेकिन चार कंधों पर।

    'आपने अपना वादा क्यों तोड़ा पापा?'

    'आपने अपना वादा क्यों तोड़ा पापा?'

    सोशल मीडिया पर हसन वगाय के बेटे का वीडियो काफी शेयर किया जा रहा है जिसमें वो अपने पिता से बार-बार पूछ रहे हैं कि क्यों उन्होंने अपना वादा तोड़ा? 'आपने अपना वादा क्यों तोड़ा पापा? आपने क्यों हमें अकेला छोड़ दिया? क्या आपने नहीं कहा था कि आप ईद पर घर आएंगे?' शहीद कांस्टेबल वगाय के बेटे की हालत देख कर वहां खड़ा हर शख्स रो पड़ा। हर कोई उसे संभालने की कोशिश कर रहा था, लेकिन बेटे को अपने पिता की फिक्र थी। वो अपने पिता से बार-बार पूछ रहा था, 'क्या आपकी गर्दन दुख रही हैं? मैं मसाज कर देता हूं।'

    लोन ने किया था बच्चों को ले जाने का वादा

    लोन ने किया था बच्चों को ले जाने का वादा

    बारामूला के राफियाबाद के रहने वाले वगाय के परिवार में अब बस पत्नी और तीन बेटे बचे हैं। उनका सबसे बड़ा बेटा 22 साल का, दूसरा 19 और सबसे छोटा 13 साल का है। वगाय की ही तरह रसूल लोन भी ईद पर अपने घर आने वाले थे, लेकिन उनके परिवार की भी अब सभी ईद उनके बिना ही बीतेगी। लोन के परिवार में उनकी पत्नी, 12 साल का बेटा और 9 साल की बेटी है। लोन के रिश्तेदार मोहम्मद युसुफ ने बताया, 'उन्होंने एक शाम पहले मुझे फोन किया था और कहा था कि बच्चों को तैयार रखना, मैं उन्हें घर ले जाउंगा, लेकिन किसे पता था कि अगली सुबह ये देखना पड़ेगा।

    आखिरी विदाई देने उमड़ पड़ा लोगों का सैलाब

    आखिरी विदाई देने उमड़ पड़ा लोगों का सैलाब

    बारामूला के एसपी इम्तियाज हुसैन ने ट्वीट कर दोनों की मौत पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा, 'पुलिसवालों के लिए ऐसा कम ही होता है कि वो ईद या दीवाली पर घर जा सकें, लेकिन इन पुलिसवालों को ईद पर बैग में घर जाना पड़ा। बहुत दुखद है।' दोनों ही जवानों की मृत्यु के बाद उन्हें अंतिम विदाई दी गई, जिसमे बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी मौजूद थे। रमजान के महीने में सबसे पाक दिन शब-ए-कदर के दिन हमला करने पर लोगों में काफी गुस्सा है।

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    English summary
    Constable Ghulam Rasool And Ghulam Hassan Killed In Pulwana After Terrorist Attacked Were About To Come Home For Eid.

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