अंबेडकर पर अमित शाह की टिप्पणी के विरोध में कांग्रेस करेगी हल्लाबोल, जानिए पार्टी की BJP को घेरने की रणनीति
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बीआर अंबेडकर पर कथित अपमानजनक टिप्पणी के बाद कांग्रेस ने उनके इस्तीफे की मांग करते हुए बीजेपी पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस पार्टी ने अमित शाह की टिप्पणी को संविधान निर्माता अंबेडकर का अपमान करार दिया है और इसे भारतीय संविधान के खिलाफ बीजेपी की मानसिकता का प्रतीक बताया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस ने देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई है।
कांग्रेस के आरोप और तीखी आलोचना
राज्यसभा में कांग्रेस के उप नेता प्रमोद तिवारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने उत्तर प्रदेश में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमित शाह की टिप्पणी की कड़ी आलोचना की। खुर्शीद ने कहा कि अमित शाह की टिप्पणी संविधान निर्माता और दलित समुदाय के प्रति अपमानजनक है। यह बीजेपी की दलित विरोधी और संविधान विरोधी मानसिकता को उजागर करती है।

बीजेपी पर संविधान को कमजोर करने का आरोप
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि यदि बीजेपी को दो-तिहाई बहुमत मिलता है तो वह संविधान में संशोधन कर दलितों और पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण समाप्त करने का प्रयास कर सकती है। प्रमोद तिवारी ने कहा कि बीजेपी की नीति संविधान को कमजोर करने और अंबेडकर की विरासत को मिटाने की है।
संसद में हंगामा और बीजेपी पर आरोप
कांग्रेस सांसदों ने आरोप लगाया कि बीजेपी सांसदों ने संसद में व्यवधान पैदा करने और विपक्षी नेताओं तक पहुंचने से रोकने के लिए जानबूझकर रणनीति बनाई। सीतापुर सांसद राकेश राठौड़ ने कहा कि महिला सांसदों सहित विपक्षी नेताओं पर हमले और उनके साथ दुर्व्यवहार से बीजेपी की तानाशाही मानसिकता सामने आई है। हम अंबेडकर और संविधान के अपमान को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
उत्तर प्रदेश में विरोध प्रदर्शन और सम्मान मार्च
कांग्रेस ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में बाबा साहेब अंबेडकर सम्मान मार्च आयोजित करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा ग्रामीण स्तर पर बीजेपी की कथित दलित विरोधी मानसिकता को उजागर करने के लिए विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना
कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने अमित शाह के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। सलमान खुर्शीद ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने न तो शाह से इस्तीफा मांगा और न ही उनकी टिप्पणी की निंदा की। इसके बजाए उनके ट्वीट अमित शाह के बयान का समर्थन करते प्रतीत होते हैं।
संवैधानिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प
कांग्रेस ने अमित शाह के बयान को भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय बताते हुए संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि बीजेपी के कार्य न केवल अंबेडकर की विरासत को खतरे में डालते हैं। बल्कि लोकतंत्र की नींव को भी कमजोर करते हैं।
कांग्रेस ने देशभर में विरोध प्रदर्शन और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए जागरूकता फैलाने की योजना बनाई है। जिससे बीजेपी की कथित दलित विरोधी नीति और अंबेडकर के प्रति असंवेदनशीलता को उजागर किया जा सके।












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