तेलंगाना में कांग्रेस की बढ़ी ताकत, रेवंत रेड्डी की चुनौती BRS ने की स्वीकर, जानिए बड़ी बातें
तेलंगाना में राजनीतिक दलों का चुनावी अभियान अंतिम दौर में है। इस दौरान कांग्रेस, बीआर और बीजेपी नेताओं को बीच तीख बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। इस बीच एक बात खुलकर सामने आई वो ये है कि सीएम केसीआर ने टीपीसीसी अध्यक्ष के कांग्रेस और तेलंगाना में राजनीतिक अस्तित्व को स्वीकार कर लिया है।
इससे पहले केसीआर जिसे नरअंदाज करते थे अब उसी पर वो खुलकर निशाना साध रहे हैं। दावा किया जा रहा है सीएम व बीआरएस अध्यक्ष ने अप्रत्यक्ष रूप से टीपीसीसी प्रमुख को अपने प्रतिद्वंदी मान चुके हैं। इस दिनों केसीआर के चुनावी भाषण देने के तरीके में अहम बदलाव आया है। वो अ पहले से कांग्रेस के प्रति अधिक आक्रामक हो रहे हैं।

केसीआर ने रेवंत रेड्डी के गृह क्षेत्र कोडंगल में उन पर जमकर हमला बोल दिया। सीएम रेवंत पर जमीनों पर कब्जा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि रेवंत ने महबूबनगर जिले में हर जगह जमीनों पर कब्जा किया है, उन्हें लोगों के दर्द का एहसास नहीं है। ऐसे में इस बार रेवंत रेड्डी कामारेड्डी जीत हासिल करने में सफल नहीं होंग
केसीआर के विरोधियों की मानें तो कांग्रेस उन्हें चुनौती देने के लिए उभर रही है। किसी को भी कांग्रेस के बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है। केसीआर ने रेवंत रेड्डी को व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाकर कांग्रेस की प्रगति पर अपनी छिपी हुई बेचैनी को उजागर की है।
वहीं दूसरी ओर बीजेपी पर बीआरएस निशाना साध रही है। ऐसे में चुनाव के दौरान कथित रूप से ये बात सामने आ रही है कि इस बार राज्य में बीआरएस अपने जीत को लेकर पूरी तरह कंफर्म नहीं है। इस बीच एक वायरल ऑडियो के सामने आने पर खुद बीआरएस अध्यक्ष केटीआर को सफाई देनी पड़ी। उन्होंने कहा की वायरल ऑडियो झूठा या फिर डीपफेक तकनीकी के जरिए बनाया गया है।












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