नौकरियां तो नोटबंदी और जीएसटी में चली गईं, अब सवर्णों को आरक्षण से क्या होगा: कांग्रेस
नई दिल्ली। केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में सवर्ण जातियों को 10 फीसदी आरक्षण दिए जाने के फैसले पर कांग्रेस ने कहा है कि जब नौकरियां ही नहीं है तो इस फैसले को जुमले के सिवा और क्या कहा जा सकता है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कैबिनेट के फैसले पर कहा है कि बीते साल ही करोड़ों लोगों की नौकरियां चली गईं, उससे पहले नोटबंदी से जॉब गईं। ऐसे में आरक्षण से क्या फायदा होगा।

सुरजेवाला ने कहा कि 24 लाख से ज्यादा खाली पद खाली हैं, जो भरे नहीं गए हैं। हम गरीबों को आरक्षण के हक में हैं। गरीबों के हक में उठाए गए हर कदम का हम समर्थन तो करेंगे, लेकिन मूलभूत सवाल ये है कि रोजगार मिलेंगे कब।
सुरजेवाला ने कहा, भाजपा सरकार ने लगातार रोजगार और रोटी को छीना है, देश के युवा मोदी जी से पूछ रहे हैं रोजगार मिलेंगे कब। नौकरियों में आरक्षण देने के अलावा मोदी सरकार रोजगार कब देगी? रोजगार के अभाव में देश के युवाओं को मोदी सरकार की मंशा पर शंका है। चुनाव में १०० दिन बचे हैं तभी क्यों मोदी सरकार को देश के आर्थिक रूप से गरीब लोगों की याद आई है? देश के गरीबों के उत्थान और प्रगति को लेकर हम अपने राजनीतिक विरोधियों के भी समर्थन में खड़े होंगे, ये हमारा अटूट निर्णय है। ऐसा करके हम गरीबों के साथ खड़े होंगे।
केंद्रीय कैबिनेट ने आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को नौकरी और शिक्षा में 10 फीसदी आरक्षण के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। कैबिनेट की बैठक में आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्ण लोगों के लिए 10 फीसदी आरक्षण के प्रस्ताव पर सरकार ने मुहर लगा दी है। इस फैसले के बाद आरक्षण का कोटा 49.5 फीसदी से बढ़कर 59.5 फीसदी हो जाएगा। संविधान में संशोधन के जरिए सरकार आरक्षण का कोटा बढ़ाएगी। मंगलवार को सरकार संविधान संशोधन बिल संसद में पेश कर सकती है।












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