कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र को शब्दों से कैसे दिया आकार? एक-एक शब्द का सूक्ष्म विश्लेषण
नई दिल्ली- कांग्रेस ने 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए जारी अपने चुनाव घोषणा पत्र (manifesto 2019) में लगभग वही विषय उठाए हैं, जो आमतौर पर ज्यादातर राष्ट्रीय दल उठाते हैं। अलबत्ता हर चुनाव में और हर सियासी दल का अंदाज और उसका दायरा बदल सकता है। मंगलवार को जारी कांग्रेस के 54 पेज के घोषणा पत्र (manifesto 2019) पर अगर नजर डालें, तो इनमें से कुछ शब्द बार-बार इस्तेमाल किए गए हैं, जबकि कुछ का शब्दों का प्रयोग 2014 के मुकाबले कम किया गया है।

किन शब्दों को मिला ज्यादा मौका?
कांग्रेस पार्टी के घोषणा पत्र में सबसे ज्यादा यानी 404 बार जिस शब्द का उपयोग किया गया है, स्वाभाविक तौर पर वह शब्द है- कांग्रेस। इसके बाद पार्टी ने जिस शब्द का सबसे ज्यादा बार इस्तेमाल किया है वह है- वादा (promise), जिसका 233 बार जिक्र किया गया है। जाहिर है कि कांग्रेस को मोदी और बीजेपी से मुकाबला करना है, ऐसे में बड़े-बड़े वादों के बिना वोटरों को रिझा पाना उसे नामुमकिन लग रहा होगा। वैसे दिलचस्प बात ये है कि 2014 के घोषणा पत्र में कांग्रेस ने महज 7 बार ही इस शब्द का प्रयोग किया था। इसके बाद जो शब्द सबसे ज्यादा इस्तेमाल में आए हैं, वह है भारत (India)-173 बार और सरकार (Government)-154 बार। इनके बाद 4 शब्द ऐसे हैं, जिनका 50 बार से ज्यादा उपयोग किया गया है। ये शब्द हैं, प्रदान या मुहैया (Provide)-64 बार, शिक्षा (Education)-62 बार, सुनिश्चित (Ensure)-62 बार और लोग (People)-54 बार। अगर 2014 के घोषणा पत्र से तुलना करें, तो तब पार्टी ने इन शब्दों को क्रमश: 33, 55, 116 और 34 बार इस्तेमाल किया था।
इसी तरह पार्टी ने इसबार अर्थव्यस्था (Economy)शब्द का 32 बार इस्तेमाल किया है, जबकि 2014 में इनकी संख्या सिर्फ 7 थी। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) का इसबार 22 दफे इस्तेमाल है, जबकि पिछली बार इनकी संख्या 28 थी। ऐसे ही व्यापार (business) का 41 बार (2014- 10), निजी (private) का 18 बार (2014-12), तकनीक (Technology) का 25 बार (2014-9) प्रयोग किया गया है।
कांग्रेस घोषणा पत्र में एक दिलचस्प शब्द है- बीजेपी (BJP). 2014 में कांग्रेस ने सिर्फ 5 बार बीजेपी (BJP) लिखा था। लेकिन, इस बार कुल 30 बार बीजेपी (BJP)शब्द का इस्तेमाल हुआ है।

कौन से शब्द पिछड़े?
कुछ महत्वपूर्ण शब्द जिसका इस बार कांग्रेस के घोषणा पत्र में 2014 के मुकाबले कम उपयोग किया है उनमें किसान (Farmer) और कृषि (agriculture) शब्द शामिल हैं, जिनका क्रमश: 20 और 14 बार जिक्र आया है। 2014 में इन शब्दों का क्रमश: 35 और 19 बार जिक्र आया था। ऐसा ही एक शब्द विकास (Development) भी है, जिसे 2014 में 46 बार इस्तेमाल किया गया था, जबकि 2019 के घोषणा पत्र में सिर्फ 24 बार उपयोग किया गया है।
इनके अलावा भी कुछ अहम शब्द हैं, जिनका कांग्रेस ने पिछली बार से कम बार उपयोग किया गया है। जैसे महिला (women) शब्द का 2014 में 58 दफे जिक्र था, लेकिन अबकी बार सिर्फ 38 बार जिक्र है। युवा (Youth) शब्द के मामले में यह फासला तो और भी लंबा है। मसलन 2014 में इस शब्द का 30 बार उपयोग हुआ था, लेकिन इस बार सिर्फ 6 बार ही जिक्र आया है। अनुसूचित जाति (Scheduled castes) शब्द का भी यही हाल है। 2014 में 24 बार के मुकाबले इस बार सिर्फ 4 बार ही इस शब्द को घोषणा पत्र में जगह मिली है। अल्पसंख्यक (Minorities) के मामले में भी लगभग यही स्थिति है। जैसे- 2014 में 14 बार यह शब्द इस्तेमाल हुआ था, लेकिन 2019 में सिर्फ 9 बार ही उपयोग हो पाया है।

सिर्फ शब्दों की संख्या घोषणा पत्र का आईना नहीं
सरसरी तौर पर इन शब्दों से इस बात का पता जरूर चलता है कि पार्टी का किन मुद्दों पर ज्यादा जोर रहा है। लेकिन, कई बार शब्दों की गिनती पूरे घोषणा पत्र या उसमें उठाए गए विषयों के मानक नहीं हो सकते। हो सकता है कि कोई शब्द कम ही बार प्रयोग हुआ हो, लेकिन उसकी अहमियत कहीं ज्यादा रहे। कई बार इस बात की संभावना भी रहती है कि जिन शब्दों का बार-बार इस्तेमाल होता है, गहनता से छानबीन करने पर पता चलता है कि असल में उसे उतनी तबज्जो मिली नहीं है। इस लेख में सिर्फ घोषणा पत्र में उपयोग हुए शब्दों के विश्लेषण की कोशिश की गई है।












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