UPSC चेयरमैन के इस्तीफे पर जयराम रमेश ने मोदी सरकार को घेरा, पूछा- क्यों बचे हुए हैं NTA प्रमुख
Jairam Ramesh: यूपीएससी चेयरमैन मनोज सोनी ने शनिवार 20 जुलाई को इस्तीफा दे दिया। प्रशिक्षु आईएएस पूजा खेडकर से जुड़े विवाक के बीच जिस तरह से यूपीएससी चीफ ने अपना पद छोड़ा उस पर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने नरेंद्र मोदी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए तंज कसा है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि 2014 में भाजपा के सत्ता में आने के बाद से सभी संवैधानिक निकायों को कमजोर किया गया है। इस दौरान उन्होंने सवाल उठाया कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के प्रमुख प्रदीप कुमार जोशी बचे क्यों हैं? कहा कि यह स्पष्ट रूप से लग रहा था कि यूपीएससी के मौजूदा विवाद को देखते हुए सोनी को बाहर किया जाएगा।

जयराम रमेश ने अपने ऑफिशियल एक्स हैंडल पर लिखा, '2014 के बाद से सभी संवैधानिक निकायों की पवित्रता, प्रतिष्ठा, स्वायत्तता और पेशेवर दृष्टिकोण को बुरी तरह से नुकसान पहुंचाया गया है। लेकिन समय-समय पर स्वयंभू नॉन-बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री को भी कहने के लिए मजबूर होना पड़ता है कि अब बहुत हो गया।'
जयराम रमेश ने आगे लिखा कि नरेंद्र मोदी 2017 में गुजरात से अपने पसंदीदा 'शिक्षाविदों' में से एक को यूपीएससी सदस्य के रूप में लाए और उन्हें 2023 में छह साल के कार्यकाल के लिए अध्यक्ष बनाया। लेकिन इस तथाकथित प्रतिष्ठित सज्जन ने अब अपना कार्यकाल समाप्त होने से पांच साल पहले ही इस्ती़फा दे दिया है।
कारण चाहे जो भी बताए जाएं, यह स्पष्ट रूप से लगा रहा था कि यूपीएससी के मौजूदा विवाद को देखते हुए उन्हें बाहर किया जाएगा। ऐसे कई और व्यक्तियों ने सिस्टम को आबाद किया है। उदाहरण के लिए, एनटीए के अध्यक्ष अब तक इससे अछूते क्यों हैं? बता दें कि पूजा खेडकर के खिलाफ आरोपों के बाद यूपीएससी गंभीर सवालों का सामना कर रहा है।
जयराम रमेश ने कहा कि यूपीएससी द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि पूजा खेडकर से जुड़े विवाद में यह पता चला है कि उन्होंने अपना नाम, हस्ताक्षर, अपना ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर और पता बदलकर अपनी पहचान बदली और कई बार परीक्षा में बैठीं।












Click it and Unblock the Notifications