'जुमे के दिन वोटिंग से मुस्लिमों को होगी परेशानी’, केरल में कांग्रेस ने चुनाव आयोग से की तारीख बदलने की मांग
केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने चुनाव आयोग से मतदान की तारीख पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है। प्रदेश कमेटी ने कहा कि केरल में 16 अप्रैल यानी शुक्रवार के दिन वोटिंग होनी है। इस्लाम में इस दिन को महत्वपूर्ण माना जाता है।
समाचार एजेंसी पीटीआई ने कांग्रेस सूत्रों के हवाले से बताया कि पोल पैनल को लिखे एक पत्र में, केपीसीसी के कार्यकारी अध्यक्ष एमएम हसन और विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीसन ने मुस्लिम मतदाताओं के लिए संभावित कठिनाइयों का हवाला देते हुए मतदान के दिन को 26 अप्रैल से स्थानांतरित करने का अनुरोध किया।

पत्र में कहा गया है कि शुक्रवार या रविवार को चुनाव कराने से चुनाव अधिकारियों, बूथ एजेंट और मतदाताओं सहित लोगों को काफी असुविधा हो सकती है। इससे पहले, केरल में कांग्रेस की सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) और केरल के एक मुस्लिम संगठन ने चुनाव आयोग से 26 अप्रैल को होने वाले मतदान को पोस्टपोन करने का आग्रह किया था।
मुस्लिम समूह का कहना है कि शुक्रवार को जुम्मे का पवित्र दिन होता है और इसका महत्व है, इसलिए चुनाव आयोग 26 अप्रैल को होने वाले लोकसभा चुनाव को टाल दे। पार्टी का कहना है कि चुनाव की तारीख में निश्चित तौर पर बदलाव होने चाहिए ताकि सभी लोग लोकतंत्र के पर्व में हिस्सा ले सकें।
'जुमे के दिन चुनाव से परेशानी'
IUML के राज्य महासचिव पीएमए सलाम ने कहा था कि केरल में शुक्रवार, 26 अप्रैल को चुनाव कराने से मतदाताओं, चुनाव अधिकारियों और मतदान एजेंटों को असुविधा होगी। उन्होंने कहा, 'शुक्रवार को जुम्मा है। इस दिन मुसलमान मस्जिदों में इकट्ठा होते हैं। इस दिन केरल और तमिलनाडु में मतदान करना मुश्किल होगा। हमने इसे चुनाव आयोग के ध्यान में लाया है।'
केरल में एक चरण में चुनाव
देश में आम चुनाव की घोषणा हो चुकी है। आयोग की घोषणा के मुताबिक, चुनाव इस बार 19 अप्रैल से शुरू होकर 1 जून को खत्म होंगे और 4 जून को नतीजों का ऐलान होगा। केरल में इस बार भी एक ही चरण में मतदान होगा। केरल में चुनाव 26 अप्रैल होगा। इससे पहले 2019 के लोकसभा चुनाव में भी केरल में एक ही चरण का मतदान सम्पन्न हुआ था।












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