राजस्थान के बागी विधायकों की वापसी के लिए कांग्रेस ने रखी ये शर्त
नई दिल्ली। कांग्रेस ने राजस्थान के अपने बागी विधायकों से कहा है कि पार्टी को उनसे बातचीत करने में कोई एतराज नहीं है लेकिन इसके लिए उन्हें भाजपा से संपर्क खत्म करने होंगे। मंगलवार को कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने प्रेस वार्ता कर सचिन पायलट खेमे के विधायकों के लिए कहा कि वो अगर हमसे बात करना चाहते हैं तो खट्टर सरकार की मेहमाननवाजी छोड़ें और हरियाणा से वापस जयपुर आएं।

भाजपा सरकार की मेहमाननवाजी छोड़ें
राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार से बगावत कर हरियाणा में डेरा जमाए सचिन पायलट और 18 दूसरे विधायकों की वापसी की संभावना को लेकर हुए सवाल पर सुरजेवाला ने कहा, इसके लिए उनको कांग्रेस नेताओं से बात करनी होगी और बातचीत के लिए पहली शर्त है कि भाजपा से मित्रता तोड़ें। मनोहर लाल खट्टर की अगुवाई वाली हरियाणा की भाजपा सरकार का सुरक्षा चक्र छोड़ें और घर लौटकर आएं, तब वार्तालाप होगा।

हरियाणा सरकार पर भी साधा निशाना
सुरजेवाला ने प्रेस वार्ता में कहा, हरियाणा में आए दिन बच्चों की हत्याएं हो रही है, बलात्कार हो रहे हैं, गुड़गांव में लोगों को सरेराह पीटा जा रहा है और राज्य की पुलिस नहीं दिख रही। वहीं इन 19 विधायकों की सुरक्षा के लिए करीब एक हजार के करीब पुलिसवाले तैनात किए गए हैं। कांग्रेस के नाराज विधायकों को भाजपा जो सुरक्षा दे रही है उसके क्या मायने हैं। जाहिर है कि वो इस सारे खेल में शामिल है और लोकतंत्र की हत्या की कोशिश कर रही है।

राजस्थान में जारी है सियासी रस्साकशी
राजस्थान में बीते करीब एक महीने से सियासी रस्साकशी देखने को मिल रही है। अशोक गहलोत के समर्थक विधायक यहां जैसलमेर के एक निजी होटल में रुके हुए हैं। वहीं सचिन पायलट और उनके खेमे के 18 एमएलए हरियाणा के होटल में रुके हुए हैं। बगावती तेवरों के बाद सचिन पायलट को कांग्रेस ने उप-मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से हटा दिया है। राज्य विधानसभा का सत्र 14 अगस्त से शुरू हो रहा है। इस सत्र के शुरू होने के बाद ही इस पूरे मामले के खत्म होने की उम्मीद की जा रही है।
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