राफेल की जांच के डर से हटाए गए सीबीआई अफसर, ये नया गुजरात मॉडल: कांग्रेस
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा है कि सीबीआई में जो कुछ हो रहा है, वो सब राफेल से बचने को हो रहा है। सिंघवी ने कहा कि जिस तरह से सीबीआई के भीतर तबादले हुए और अधिकारियों को छुट्टी पर भेजा गया, उसमें पीएमओ का सीधा दखल है। सिंघवी ने कहा कि संस्था को खत्म किया जा रहा है, तबादलों में कानून की धज्जियां उड़ाई गई हैं। इसके पीछे एक ही वजह है और वो है राफेल में मोदी का भेद खुलने का डर। सिंघवी ने मामले में पीएम मोदी पर सवाल खड़े किए हैं।

अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा की शिकायत पर कार्रवाई करने की जगह सरकार अभियुक्त के ही समर्थन में खड़ी हो गई। ये सरकार का नया गुजरात मॉडल है और सब जानते हैं कि इसका रिमोट कंट्रोल किसके पास है। सिंघवी ने कहा कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को भी नहीं माना, सीबीआई की मजबूती के लिए स्वतंत्र समिति सलेक्ट करने की बात कही गई थी. जिसका दो वर्ष का कार्यकाल होना था, मगर सरकार ने इसे नकार दिया।
सीबीआई के दो शीर्ष अफसरों का नाम रिश्वत मामले में आने के बाद केंद्र सरकार ने ज्वाइंट डायरेक्टर नागेश्वर राव को जांच एजेंसी का अंतरिम प्रमुख नियुक्त किया है। जांच जारी रहने तक सीबीआई चीफ आलोक वर्मा और नंबर दो अफसर स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेज दिया गया। अस्थाना केस की जांच कर रहे डिप्टी एसपी अजय बस्सी का ट्रांसफर कर दिया है, जांच टीम के अधिकारी अजय बस्सी को पोर्ट ब्लेयर भेजा गया है जबकि एडिशनल एसपी एसएस गुम को जबलपुर स्थानांतरित किया गया है।
जेटली ने मामले पर कहा है कि सरकार ने केंद्रीय सतर्कता आयोग की सिफारिश पर निष्पक्ष जांच के लिए दोनों अफसरों को छुट्टी पर भेजा है। किसी अफसर को बचाने के विपक्ष के आरोप बेतुके हैं। बता दें कि अस्थाना पर मीट कारोबारी मोइन कुरैशी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तीन करोड़ रुपए की रिश्वत लेने का आरोप है। वहीं, अस्थाना का आरोप है कि सीबीआई चीफ आलोक वर्मा ने ही 2 करोड़ रुपए की घूस ली है।












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