कॉमेडियन मुनव्वर फारुकी को नहीं मिली जमानत, हिंदू देवी-देवताओं पर की थी विवादित टिप्पणी
Madhya Pradesh Hindi News: मध्य प्रदेश के इंदौर की एक अदालत ने स्टैंड-अप कॉमेडियन मुनव्वर फारुकी (Munawar Faruqui) और एक अन्य आरोपी की जमानत खारिज कर दी है, जिन्हें पिछले हफ्ते गिरफ्तार किया गया था। मुनव्वर ने इंदौर में आयोजित एक शो में हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायालय के न्यायाधीश यतींद्र कुमार गुरु ने मुनव्वर और नलिन यादव को जमानत देने से इनकार कर दिया। इससे पहले 2 जनवरी को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने नलिन यादव समेत 3 अन्य की जमानत याचिका खारिज की थी।

दरअसल इंदौर के 56 डुकन इलाके में स्थित एक कैफे नें 1 जनवरी को एक शो आयोजित हुआ, जिसमें गुजरात के निवासी मुनव्वर फारुकी भी शामिल हुए। आरोप है कि इस शो के दौरान उन्होंने हिंदू देवी-देवताओं और गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की। जिस पर मुनव्वर और चार अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस मामले में शिकायत स्थानीय बीजेपी विधायक मालिनी लक्ष्मण सिहं गौड़ के पुत्र एकलव्य सिंह गौड़ (Eklavya Singh Gaur) ने की थी।
मुनव्वर और नलिन यादव (Nalin Yadav) के वकील अंशुमान श्रीवास्तव ने कहा कि उनके मुवक्किलों पर लगाए गए आरोप अस्पष्ट हैं। उनको सिर्फ राजनीतिक द्वेष के चलते गिरफ्तार किया गया। शो में दोनों की ओर से ऐसी कोई टिप्पणी नहीं की गई, जिससे किसी भी व्यक्ति की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचे। वहीं जमानत का विरोध करते हुए अभियोजन पक्ष के वकील विमल मिश्रा ने कहा कि पहले तो दोनों कलाकारों ने कोरोना महामारी के बीच उस कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जिसकी अनुमति प्रशासन से नहीं ली गई थी। इसके बाद उन्होंने हिंदू देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी की। इसके अलावा कार्यक्रम अश्लीलता से भरा था, जबकि वहां पर दर्शकों में नाबालिग लड़के-लड़कियां मौजूद थे।
वहीं बीजेपी विधायक के बेटे और शिकायतकर्ता एकलव्य के मुताबिक वो और उनके सहयोगी कॉमेडी शो में गए थे। इस दौरान वहां पर कॉमेडियन ने देवी-देवताओं और गृहमंत्री अमित शाह पर अभद्र टिप्पणी कर दी। इसके बाद वहां हंगामा खड़ा हो गया। ऐसे में उनको शो रुकवाना पड़ा। इसके बाद पुलिस से इस मामले की शिकायत की गई। मुनव्वर और नलिन के अलावा एडविन एंथोनी, प्रखर व्यास और प्रियम व्यास को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पांचों के खिलाफ धारा 295-ए (जानबूझकर धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाना), धारा 269 (महामारी के दौरान लापरवाही) के तहत मामला दर्ज किया गया है।












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