Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

कर्नल पुरोहित का हुआ प्रमोशन! अब संभालेंगे ये बड़ी जिम्मेदारी, मालेगांव ब्लास्ट केस में काटना पड़ा 'वनवास'

Colonel Shrikant Prasad Purohit: भारतीय सेना के कर्नल श्रीकांत प्रसाद पुरोहित के लिए अब एक अच्छी खबर सामने आई है। सेना ने उन्हें ब्रिगेडियर के पद पर प्रमोशन के लिए मंजूरी दे दी है। यह फैसला भारतीय सेना के इतिहास के सबसे मुश्किल और लंबे कानूनी मामलों में से एक में एक बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है।

हाल ही में आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल (AFT) ने कर्नल पुरोहित के मामले में अहम दखल दिया था। उनकी निर्धारित रिटायरमेंट 31 मार्च 2026 को होनी थी, लेकिन 16 मार्च 2026 को जस्टिस राजेंद्र मेनन की अगुवाई वाली बेंच ने इस पर रोक लगा दी थी, ताकि उनके लंबित प्रमोशन केस की निष्पक्ष समीक्षा की जा सके। ट्रिब्यूनल ने माना था कि प्रथम दृष्टया यह मामला उनके जूनियर्स के बराबर प्रमोशन और लाभ पाने का बनता है। इसी के कुछ हफ्ते बाद अब सेना ने उनके प्रमोशन को हरी झंडी दे दी है।

Colonel Shrikant Prasad Purohit

17 साल तक थमा रहा करियर, छूट गए कई बड़े पद

साल 2008 में मालेगांव ब्लास्ट केस में नाम आने और गिरफ्तारी के बाद कर्नल पुरोहित का सैन्य करियर पूरी तरह से 'फ्रीज' (रुक) हो गया था। हालांकि, 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी और वह एक्टिव सर्विस में लौट आए थे, लेकिन उनकी सीनियॉरिटी और प्रमोशन कानूनी दांव-पेंच में फंसे रहे। सूत्रों और सैन्य एक्सप्ट की मानें तो अगर 17 साल तक उनका करियर इस तरह बाधित नहीं होता, तो उनके बैच के अधिकारी जो आज वरिष्ठ नेतृत्व की भूमिकाओं में पहुंच चुके हैं, कर्नल पुरोहित भी सामान्य परिस्थितियों में अब तक 'मेजर जनरल' की रैंक तक पहुंच सकते थे। यह प्रमोशन उन खोए हुए सालों की एक तरह से भरपाई है।

कोर्ट ने कर्नल श्रीकांत पुरोहित को कब किया बरी?

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट 31 जुलाई 2025 को आया। महाराष्ट्र की स्पेशल एनआईए (NIA) कोर्ट ने सबूतों के सख्त अभाव और अभियोजन पक्ष की कहानी में विरोधाभास का हवाला देते हुए कर्नल पुरोहित को सभी आरोपों से बरी कर दिया। इस फैसले ने 17 साल की लंबी कानूनी लड़ाई का अंत किया। दोषमुक्त होने के तुरंत बाद, सितंबर 2025 में उन्हें 'फुल कर्नल' की रैंक पर प्रमोट किया गया था।

कर्नल श्रीकांत पुरोहित पर क्या थे आरोप?

नासिक पोस्टिंग के दौरान उन पर आरोप लगा कि वह रिटायर्ड मेजर रमेश उपाध्याय के संपर्क में आए, जिन्होंने 'अभिनव भारत' नाम का संगठन बनाया था। उन पर सेना का 60 किलो RDX चुराने, अभिनव भारत को फंड करने और ट्रेनिंग देने का आरोप लगा था। यह भी दावा किया गया कि इसी RDX के हिस्से का इस्तेमाल मालेगांव ब्लास्ट में हुआ। (हालांकि, 2025 में कोर्ट ने इन सभी दावों को खारिज कर उन्हें निर्दोष करार दिया है।)

Bengal Election में मोदी-ममता में टकराव! चुनावी रैलियों में 'बेरहम सरकार’ और वोटर लिस्ट का मुद्दा गरमाया
Bengal Election में मोदी-ममता में टकराव! चुनावी रैलियों में 'बेरहम सरकार’ और वोटर लिस्ट का मुद्दा गरमाया

कौन हैं कर्नल श्रीकांत पुरोहित?

  • शुरुआती जीवन और शिक्षा: कर्नल पुरोहित का जन्म पुणे के एक महाराष्ट्रीयन ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पिता एक बैंक अधिकारी थे। उन्होंने पुणे के अभिनव विद्यालय से स्कूली शिक्षा और गरवारे कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरा किया।
  • सेना में एंट्री: 1994 में उन्हें मराठा लाइट इन्फेंट्री में कमीशन मिला। बाद में स्वास्थ्य कारणों से उन्हें मिलिट्री इंटेलिजेंस (MI) में शिफ्ट कर दिया गया।
  • एंटी-टेरर ऑपरेशंस: 2002 से 2005 के बीच उन्हें एंटी-टेरर ऑपरेशंस के लिए MI-25 इंटेलिजेंस फील्ड सिक्योरिटी यूनिट में तैनात किया गया था।

क्या था मालेगांव ब्लास्ट केस और कौन-कौन हुए बरी?

दरअसल, 29 सितंबर 2008 को महाराष्ट्र के मालेगांव शहर के भिक्कू चौक इलाके में एक मस्जिद के पास एक मोटरसाइकिल में रखे गए बम में विस्फोट हुआ था। इस भीषण घटना में 6 लोगों की मौत हो गई थी और लगभग 95 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। शुरुआत में इस मामले की जांच महाराष्ट्र एटीएस (ATS) ने की थी, लेकिन साल 2011 में इसे राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) को सौंप दिया गया था।

मामले में शुरुआत में 11 लोगों को आरोपी बनाया गया था, लेकिन कोर्ट ने अंततः 7 लोगों पर ही आरोप तय किए थे। लगभग 17 सालों तक चली लंबी जांच, जिरह और सैकड़ों गवाहों के बयानों के बाद, 31 जुलाई 2025 को मुंबई की स्पेशल एनआईए कोर्ट ने अभियोजन पक्ष के दावों को खारिज करते हुए और सबूतों के अभाव का हवाला देते हुए सभी 7 आरोपियों को दोषमुक्त करार दे दिया।

बरी होने वालों में कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित के अलावा भोपाल की पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, मेजर (रिटायर्ड) रमेश उपाध्याय, सुधाकर चतुर्वेदी, अजय राहिरकर, सुधाकर धर द्विवेदी (शंकराचार्य) और समीर कुलकर्णी शामिल थे।

Election 2026
More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+