शहीद कर्नल संतोष बाबू महावीर चक्र से हुए सम्मानित, राष्ट्रपति ने उनकी मां और पत्नी को सौंपा सम्मान
नई दिल्ली, 23 नवंबर। लद्दाख सेक्टर में गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ संघर्ष में शहीद हुए कर्नल संतोष बाबू को आज (मंगलवार) मरणोपरांत महावीर चक्र से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से उनकी मां और पत्नी ने महावीर चक्र प्राप्त किया। उनके अलावा वीरता का सम्मान वीर चक्र झड़प में वीरगति को प्राप्त कर चुके चार अन्य सैनिकों को भी दिया गया। वहीं, सोमवार को हुए अलंकरण समारोह में विंग कमांडर (अब ग्रुप कैप्टन) अभिनंदन सहित अन्य वीर जवानों को उनकी बहादुरी के लिए सम्मानित किया गया।
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मालूम हो कि गलवान घाटी में ऑपरेशन स्नो-लैपर्ड के दौरान चीनी सेना के साथ हुई हिंसक झड़प में कर्नल संतोष बाबू सहित पांच जवाब शहीद हो गए थे। इन सभी को मरणोपरांत भारत के दूसरे सबसे बड़े वीरता पुरस्कार महावीर चक्र से आज सम्मानित किया गया। इसके अलावा जिन चार सैनिकों को मरणोपरांत वीर चक्र दिया गया है, उनमें नायब सूबेदार नूदूराम सोरेन (16 बिहार), हवलदार के. पिलानी (81 फील्ड रेजीमेंट), नायक दीपक कुमार ( आर्मी मेडिकल कोर-16 बिहार), सिपाही गुरजेत सिंह (3 पंजाब) शामिल हैं। इस साल गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर गलवान घाटी में वीरगति को प्राप्त हुए सैनिकों को उनके अदम्य साहस और बहादुरी के लिए उन्हें वीर चक्र दिए जाने की घोषणा की गई थी।
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शहीद कर्नल के पिता इस सम्मान से संतुष्ट नहीं
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या शहीद कर्नल संतोष बाबू को महावीर चक्र दिए जाने के ऐलान के बाद उनके पिता इस सम्मान से संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने कहा कि कर्नल को परमवीर चक्र मिलना चाहिए था। संतोष बाबू के पिता ने कहा था कि वह जून 2020 में बहादुरी का प्रदर्शन करने के लिए उन्हें मरणोपरांत महावीर चक्र प्रदान करने से 100 फीसदी संतुष्ट नहीं हैं। बाबू के पिता बी उपेंद्र ने कहा, ऐसा नहीं है कि मैं दुखी हूं, लेकिन मैं (महावीर चक्र पुरस्कार से) 100 प्रतिशत संतुष्ट नहीं हूं। उन्हें बेहतर तरीके से सम्मानित किया जाना चाहिए था।












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