Manipur Violence: मणिपुर के सीएम बीरेन सिंह ने तोड़ी चुप्पी, कहा 'आतंकियों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा'
Manipur Violence: मणिपुर हिंसा के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने हाल ही में एक वीडियो संदेश जारी कर जिरीबाम जिले में महिलाओं और बच्चों सहित छह व्यक्तियों की हत्या पर गहरा शोक और आक्रोश व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने इसे मानवता के खिलाफ अपराध करार देते हुए अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने का संकल्प लिया।
दर्दनाक घटना ने हिला दिया प्रदेश
11 नवंबर को लापता हुए इन छह पीड़ितों के शव जिरीबाम जिले की एक नदी में पाए गए। मुख्यमंत्री ने इसे बर्बर कृत्य बताते हुए कहा कि इस तरह की घटनाओं का सभ्य समाज में कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि जब तक इन अपराधियों को उनके अमानवीय कृत्यों के लिए जवाबदेह नहीं ठहराया जाता। हम चैन से नहीं बैठेंगे। यह घटना मणिपुर में जारी अशांति को दर्शाती है। जहां जातीय संघर्ष और हिंसा ने समाज को झकझोर कर रख दिया है।

सीआरपीएफ की त्वरित कार्रवाई ने बचाई अनगिनत जानें
इस हिंसक घटना के बाद मणिपुर पुलिस और सीआरपीएफ ने स्थिति को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाई। जिरीबाम के बोरोबेकरा राहत शिविर और स्थानीय पुलिस स्टेशन पर 40-50 सशस्त्र आतंकवादियों द्वारा किए गए हमले को नाकाम कर दिया गया। इस झड़प में 10 उग्रवादियों को मार गिराया गया। जिससे अनगिनत जानें बचाई गईं। मुख्यमंत्री ने सीआरपीएफ के साहस की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी त्वरित और निर्णायक कार्रवाई ने इलाके में बड़ा संकट टाल दिया।
जातीय संघर्ष ने बढ़ाया तनाव
मणिपुर में पिछले 18 महीनों से चल रहे जातीय संघर्ष ने इंफाल घाटी और पहाड़ी क्षेत्रों (कुकी बहुल) के बीच विभाजन को गहरा कर दिया है। सुरक्षा बलों की तैनाती और बफर जोन बनाए जाने के बावजूद हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही।
अफस्पा की वापसी ने बढ़ाई चिंता
इस बीच सशस्त्र बल अधिनियम को फिर से लागू किए जाने से इंफाल घाटी में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। इससे केंद्र और राज्य सरकारों के बीच सुरक्षा और स्थिरता को लेकर गहरी चिंता उजागर हुई है।
मुख्यमंत्री ने जनता को दिलाया भरोसा
एन बीरेन सिंह ने जनता को यह भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार पीड़ितों के परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि दोषियों को जल्द ही कानून के हवाले किया जाएगा और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने इस घटना को न केवल राज्य के लिए बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी बताया कि ऐसे कृत्यों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
शांति और स्थिरता की उम्मीद
जिरीबाम में हुई इस दुखद घटना ने मणिपुर में शांति और सौहार्द के महत्व को फिर से रेखांकित किया है। सीआरपीएफ की कार्रवाई और मुख्यमंत्री की प्रतिबद्धता राज्य में स्थिरता और सुरक्षा बहाल करने के प्रयासों को दर्शाती है।
जबकि मणिपुर इन चुनौतियों से उबरने का प्रयास कर रहा है। यह घटना जातीय संघर्ष के स्थायी समाधान की आवश्यकता को स्पष्ट रूप से रेखांकित करती है। मुख्यमंत्री का संदेश और सुरक्षा बलों का साहस शांति और सद्भाव की उम्मीद को बनाए रखने के लिए प्रेरित करता है।












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