चीनी राजदूत ने माना गलवान घाटी में हुई थी PLA सैनिकों की मौत, संख्या फिर भी नहीं बताई
नई दिल्ली। भारत में चीन के राजदूत सन वेइडोंग ने पहली बार आधिकारिक तौर पर यह बात स्वीकार की है कि 15 जून को गलवान घाटी में जो हिंसा हुई थी, उसमें पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी (पीएलए) के कुछ सैनिक मारे गए हैं। इस हिंसा में भारतीय सेना के 20 सैनिक शहीद हो गए थे जिसमें 16 बिहार रेजीमेंट के कमांडिंग ऑफिसर (सीओ) कर्नल संतोष बाबू भी शामिल थे। राजदूत सन ने भारतीय न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में अपने सैनिकों के मारे जाने की बात पर कहा, 'दोनों पक्षों के बीच भारी हाथापाई और मौतें हुईं।'

अभी तक चीन ने नहीं बताई है संख्या
राजदूत सन वेईडोंग से पहले अभी तक चीनी अधिकारी मौत की बात तो मानते थे लेकिन इस बात को लेकर कुछ नहीं कहते थे कि एलएसी के किस तरफ हुई चीनी सैनिक मारे गए हैं। भारत ने तो 20 शहीदों के नाम जारी कर दिए लेकिन चीन अभी तक चुप है। चीनी दूतावास की तरफ से राजदूत सन वेईडोंग का इंटरव्यू वेबसाइट पर पोस्ट किया गया है। ह्यू शिजिन जो सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स के एडीटर हैं उन्होंने भी गलवान घाटी में हुई हिंसा में चीनी सैनिकों के मारे जाने की बात कही थी। अभी तक चीन की तरफ से जो बयान आते थे उसमें बस यही कहा जाता था कि उनके भी कुछ सैनिक मारे गए हैं। 19 जून को चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान की तरफ से भी चीनी सैनिकों की मौत की बात कही गई थी। लेकिन उन्होंने भी संख्या नहीं बताई थी। सन ने यह बात स्पष्ट कर दी है कि दोनों तरफ भारी नुकसान हुआ था।












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