तिब्बत से नाबालिग बच्चों को उठाकर मिलिट्री कैंप में भेज रहे हैं चीनी अधिकारी, दी जा रही हैं सैन्य ट्रेनिंग
नई दिल्ली, दिसंबर 24। लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर भारत और चीनी सेना के बीच तनाव अभी भी जारी है। चीन लगातार एलएसी पर अपनी गतिविधियां बढ़ा रहा है तो वहीं भारतीय सेना भी सीमा पर हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है। इस बीच खबर है कि चीन LAC पर अपनी ताकत बढ़ाने के लिए अंदरूनी तैयारी भी कर रहा है। हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक, चीनी अधिकारी तिब्बती बच्चों को मिलिट्री कैंप में भेज रहा है, जहां उन्हें बुनियादी मिलिट्री ट्रेनिंग दी जा रही है।

8-9 साल की उम्र के बच्चों को दी जा रही है ट्रेनिंग
रिपोर्ट के मुताबिक, तिब्बती बच्चों को चीनी अधिकारी विशेष कैंपों में भेज रहे हैं, ताकि उन्हें वहां विश्वदृष्टि से परिचित कराया जा सके और उन्हें बुनियादी सैन्य प्रशिक्षण दिया जा सके ताकि उन्हें बाद में सेना में शामिल किया जा सके। जानकारी के मुताबिक, इन मिलिट्री कैंपों में आने वाले अधिकतर तिब्बती बच्चे नाबालिग हैं। इनकी उम्र 8-9 साल है।
चीनी सेना का क्या है उद्देश्य?
बताया जा रहा है कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी का उद्देश्य ही यही है कि इन तिब्बती बच्चों को ट्रेनिंग कैंप में ट्रेंड कर आगे सेना में भर्ती किया जा सके। इन्हें चीन के साथ जिन देशों का सीमा विवाद है, उनके इतिहास के बारे में भी पढ़ाया जा रहा है। चीनी सेना लगातार तिब्बत में ऐसे किशोरों की भर्ती कर रही है।
9 लाख से अधिक बच्चों को चीनी अधिकारियों ने उठाया
आपको बता दें कि इस महीने की शुरुआत में, तिब्बत एक्शन इंस्टीट्यूट ने एक रिपोर्ट जारी की थी जिसमें कहा गया था कि तिब्बत में चीनी अधिकारियों ने तिब्बती बच्चों को माता-पिता से अलग करने और उनकी अपनी भाषा और संस्कृति के संपर्क को कम करने के लिए बोर्डिंग स्कूलों का एक विस्तृत नेटवर्क स्थापित किया है। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि छह से 18 साल की उम्र के करीब 900,000 तिब्बती बच्चे और चार और पांच साल के अनगिनत बच्चों को यहां से उठा लिया गया है।












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