चीन भारत के 30 मौजूदा और रिटायर्ट जजों की कर रहा निगरानी, कई अहम लोग भी लिस्ट में शामिल
नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच पिछले कुछ महीने से एलएसी पर तनाव बना हुआ है, दोनों देशों के बीच सीमा विवाद को लेकर हिंसक झड़प भी हो चुकी है। चीन अपनी हरकतों से बाच आने का नाम नहीं ले रहा है। एक तरफ जहां चीन सीमा पर तनाव बढ़ा रहा है तो दूसरी तरफ वह भारत के आंतरिक मामलों पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं। चीन की कंपनी जेनहुया भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सीडीएस से लेकर कई मुख्मंत्रियों और अधिकारियों की जासूसी कर रही है। यही नहीं चीन की नजर कई मौजूदा न्यायाधीश और कई पूर्व न्यायाधीशों पर भी है, इसके अलावा देश में शुरू हुए स्टार्टअप पर भी ड्रैगन की नजर है।
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इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार चीन की कंपनी भारत के 30 जजों को ट्रैक कर रही है, जिसमे मौजूदा सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्सिट एसए बोबडे, सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस ए,एम खानविलकर, राजस्थान हाई कोर्ट के जज संदीप मेहता, इलाहाबाद हाई कोर्ट की जज सुनीता अग्रवाल भी शामिल हैं। इसके अलावा चार सेवानिवृत्त जजों पर भी चीन की नजर है जोकि कई अहम पदों पर हैं। यह लिस्ट यहीं नहीं खत्म होती है, चीन भारत की इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी अपीलेट बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष जस्टिस के बाशा और आईपीएबी की पूर्व उपाध्यक्ष जस्टिस एस. उषा की भी जासूसी कर रहा है। इन तमाम लोगों के नाम चीन की लिस्ट में हैं, जिनपर वो नजर रखे हुए है।
खबर के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के पूर्व सीजेआई जस्टिस आरएम लोढ़ा जिन्होंने बीसीसीआई में सुधार लाने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी की अध्यक्षता की थी उनका भी नाम चीन की लिस्ट में शामिल है। इसके अलावा जस्टिस गनपत सिंह सिंघवी, जस्टिस सी जोसेफ, शिवराज वीरुपन्ना पाटिल, सुजाता मनोहर, जस्टिस सुजीत रॉय ,प्रकाश तातिया का भी नाम इस लिस्ट में शामिल है, जिनपर चीन की एजेंसी की नजर है।












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