डी-एस्कलेशन वार्ता के दौरान कर्नल संतोष पर चीनी सैनिकों ने किया था हमला: सूत्र
नई दिल्ली। भारत-चीन के बीच सीमा विवाद अब बड़ा रुप ले चुका है। भारत के 20 जवान इस विवाद में वीरगति को प्राप्त हो चुके हैं। इस बीच यह जानकारी सामने आई है कि 6 जून को भारत और चीन के सैन्य कमांडर के बीच मुलाकात के बाद माना जा रहा था कि चीन की सेना पूर्वी लद्दाख में गलवान घाटी से पीछे हटेगी। एक तरफ जहां दोनों देशों के बीच तनाव को कम करने के लिए बातचीत जारी थी और इसकी कोशिशें की जा रही थी, तो दूसरी तरफ दोनों देशों के सैनिकों के बीच सोमवार को हिंसक झड़प हो गई। इस झड़प में एक कर्नल और दो जवान वीरगति को प्राप्त हो गए।

1975 के बाद पहली बार हिंसक झड़प
1975 के बाद यह पहली बार है कि भारत-चीन के बाद हिंसक घटना सीमा पर हुई है, जिसमे जवानों की जान गई है। सूत्रों के अनुसार 6 जून को दोनों सेनाओं के बीच जो बात हुई उसमे 16 बिहार रेजीमेंड के कर्नल संतोष भी शामिल थे और उन्होंने बातचीत की शुरुआत की थी। बातचीत के दौरान चीन की ओर से बहस उग्र हो गई और चीन के सैनिकों ने भारत के सैनिकों पर पत्थर, डंडों पर लगी लोहे की कील से हमला कर दिया। सूत्र ने बताया कि यह हमला जानलेवा था और यह पूरी तैयारी के साथ, सोच समझकर किया गया था ताकि कर्नल की जान चली जाए।

वार्ता के दौरान किया हमला
दोनों देशों के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प के दौरान बड़ी संख्या में चीनी सैनिकों ने 16 बिहार के कमांडिंग अधिकारी और जवानों पर हमला बोल दिया। यह झड़प तकरीबन तीन घंटों तक चली। सूत्रों का कहना है कि भारत ने भी इसका जवाब दिया और चीन के सैनिकों को भी नुकसान पहुंचाया। चीन की ओर से 5 जवानों के मरने की बात कही गई है, लेकिन संभव है कि यह संख्या इससे कहीं अधिक है। यह संख्या और बढ़ सकती है क्योंकि कई सैनिक लापता हैं और कई गंभीर रूप से घायल हैं।

यूएन ने शांति की अपील की
इस बीच संयुक्त राष्ट्र महासचिव के एसोसिएट प्रवक्ता एरी कानेको ने दैनिक प्रेस ब्रीफिंग में भारत और चीन के बीच चल रहे सीमा विवाद पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा, हम भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर हिंसा और मौतों की रिपोर्टों से चिंतित हैं और दोनों पक्षों से अधिकतम संयम बरतने का आग्रह करते हैं। हम उन रपटों को सकारात्मक मानते हैं, जिनमें कहा गया कि दोनों देश हालात को घटा रहे हैं।

20 जवान शहीद
बता दें कि लद्दाख की गलवान घाटी में हिंसक हमले में भारतीय सेना के जवानों की शहादत से पूरे देश में गुस्सा है। भारतीय सूत्रों के मुताबिक चीन के भी 43 जवान मारे गए हैं या तो गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। शुरुआत में, भारतीय सेना ने कहा कि एक अधिकारी और दो सैनिक मारे गए। बाद में भारतीय सेना ने बयान में बताया कि 15-16 जून की रात भारत-चीन की झड़प हुई थी, लाइन ऑफ ड्यूटी पर 17 भारतीय टुकड़ियां जख्मी हुई हैं। वहीं, उप-शून्य तापमान में हमारे जवान देश की सुरक्षा के लिए वीरगति को प्राप्त हुए हैं, जिनकी संख्या 20 है। भारतीय सेना राष्ट्र की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है।












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