Chhattisgarh Naxal News: बीजापुर में माओवादियों ने बनाया जवानों को निशाना, IED ब्लास्ट में 11 घायल
Chhattisgarh Naxal News: नक्सल प्रभावित छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ महीनों में कई बार नक्सलियों ने सुरक्षा बलों और आम ग्रामीणों को निशाना बनाया है। 10 दिन पहले भी एक आईईडी ब्लास्ट किया गया था। रविवार को कर्रेगुट्टा पहाड़ियों में हुए कई IED विस्फोटों में 11 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। इस हमले में किसी के भी हताहत होने की सूचना नहीं है। गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सल मुक्त प्रदेश की डेडलाइन 2027 रखी है। इसके बावजूद नक्सली हमले थम नहीं रहे हैं।
बीजापुर पुलिस के मुताबिक, कर्रेगुट्टा पहाड़ियों में हुए कई IED विस्फोटों में 11 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। धमाके के बाद सभी घायलों को तत्काल बाहर निकाला गया और बेहतर इलाज के लिए एयरलिफ्ट कर रायपुर भेजा गया है। पुलिस ने बताया कि सभी जवानों की हालत फिलहाल स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं।

Chhattisgarh Naxal News: जनवरी में बीजापुर में नक्सलियों के कई हमले
- बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों ने कई सघन ऑपरेशन चलाए हैं और नक्सली कैंपों को बड़े पैमाने पर नेस्तनाबूत किया है। इसके बावजूद जनवरी में कई छिटपुट हमले हुए हैं।
- 21 जनवरी को भी इसी इलाके में नक्सलियों ने आईडी बलास्ट की साजिश रची थी जिसमें दो ग्रामीणों की जान चली गई थी।
- 23 जनवरी की शाम आईईडी ब्लास्ट में 1 ग्रामीण घायल हो गया था। करीब 5 बजे लंकापल्ली गांव निवासी राजू मोडियामी का पैर जमीन में पहले से दबे प्रेशर IED पर पड़ गया, जिससे जोरदार धमाका हुआ था।
जनवरी में नक्सलियों की बड़ी साजिश सुरक्षा बलों ने की नाकाम
इससे पहले जनवरी में ही छत्तीसगढ़ में सुरक्षाकर्मियों ने एक बड़े हमले की साजिश नाकाम की थी। नक्सल प्रभावित इलाके कुर्सेनबागर गांव से पुलिस ने आईईडी विस्फोटक समेत हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद किया था। 174 किलोग्राम का बैरल-टाइप इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED), एक बैरल ग्रेनेड लॉन्चर, छह-छह मीटर लंबाई वाले कॉर्डेक्स वायर के पांच बंडल, छह इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, आठ जिलेटिन स्टिक, एक बंडल इलेक्ट्रिक वायर, एक बंडल सेफ्टी फ्यूज बरामद किया था।
Naxal News: दिसंबर में बड़ा एंटी-नक्सल ऑपरेशन
पिछले साल दिसंबर में सुरक्षाबलों ने बीजापुर जिले में एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया था। थाना भैरमगढ़-नेमेड क्षेत्र के कचीलवार-पोटेनार में हुई मुठभेड़ में 18 माओवादी मारे गए थे। इनमें 9 महिला माओवादी भी शामिल थीं। इस एनकाउंटर में माओवादियों का एक टॉप लीडर भी मारा गया था। यह पूरा ऑपरेशन एक ठोस इनपुट के आधार पर शुरू किया गया था।
बता दें कि गृ मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त बनाने के लिए 2027 की डेडलाइन रखी है। नक्सल हिंसा प्रभावित इलाकों में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन और सुरक्षा बलों की कार्रवाई चल रही है।












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