Chhattisgarh News:मंत्रिपरिषद की बैठक में कई अहम फैसले
छत्तीसगढ़ कैबिनेट, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की, ने कई उपायों को मंजूरी दी: टेंडू पत्ता संग्राहकों के लिए ऋण गारंटी; को-ऑर्डिनेशन ऑफ कोदो, कुटकी और रागी खरीद के लिए कार्यशील पूंजी; राष्ट्रीयकृत लघु वन उपज संघ को 30 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण; पांच राष्ट्रीय निगमों के लिए ऋण निपटान; धान मिलिंग प्रोत्साहन में वृद्धि; औद्योगिक विकास नीति 2024–30 में संशोधन; 9वें ऑटो एक्सपो के दौरान 50% आजीवन रोड टैक्स में राहत; चावल मिलिंग के लिए बैंक गारंटी पर कम स्टाम्प शुल्क; और एक नया पुलिस अधिकारी पद के साथ रायपुर में पुलिस आयुक्त प्रणाली का कार्यान्वयन।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों से वर्ष 2026 के लिए 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से तेंदूपत्ता खरीदी हेतु ऋण लेने पर राज्य शासन की गारंटी देने की अनुमति प्रदान की गई।

मंत्रिपरिषद ने कोदो, कुटकी और रागी की खरीद, प्रसंस्करण एवं बिक्री के लिए छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ को कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने का निर्णय लिया। इसके साथ ही राष्ट्रीयकृत लघु वनोपज के क्रय, भंडारण, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन के लिए संघ को एक बार के लिए 30 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण देने की स्वीकृति दी गई।
बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम से जुड़े ऋणों पर भी अहम निर्णय लिया गया। राज्य शासन द्वारा 55.69 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान कर पाँच राष्ट्रीय निगमों से लिए गए ऋणों की पूरी राशि चुकाने की अनुमति दी गई। इनमें राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम, पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम, अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम और दिव्यांग वित्त एवं विकास निगम शामिल हैं।
वर्तमान में इन ऋणों पर राज्य शासन द्वारा प्रतिवर्ष लगभग 2.40 करोड़ रुपये ब्याज का भुगतान किया जा रहा है। ऋण की पूरी अदायगी के बाद यह ब्याज व्यय समाप्त हो जाएगा। साथ ही राष्ट्रीय निगमों से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त होने पर 229.91 करोड़ रुपये की लंबित गारंटी देनदारी भी समाप्त हो जाएगी, जिससे राज्य शासन पर वित्तीय बोझ कम होगा।
मंत्रिपरिषद ने धान मिलिंग पर दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि को 20 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 40 रुपये प्रति क्विंटल करने का निर्णय लिया। साथ ही सभी मिलरों के लिए पात्रता की न्यूनतम अवधि 3 माह से घटाकर 2 माह कर दी गई।
बैठक में औद्योगिक विकास नीति 2024–30 में संशोधन को भी मंजूरी दी गई। इन संशोधनों से नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, प्रचार-प्रसार, विशेषज्ञों की नियुक्ति और सेवा गतिविधि प्रमाण-पत्र जारी करने से जुड़ी विसंगतियाँ दूर होंगी। इससे निवेश की गुणवत्ता बढ़ेगी, स्थायी रोजगार सृजन होगा और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।
मंत्रिपरिषद ने रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड में 20 जनवरी से 5 फरवरी तक आयोजित होने वाले 9वें ऑटो एक्सपो के दौरान बिकने वाले वाहनों पर लाइफटाइम रोड टैक्स में 50 प्रतिशत छूट देने का भी निर्णय लिया। यह छूट वाहन पंजीयन के समय लागू होगी और पूरे प्रदेश के वाहन विक्रेताओं को इसका लाभ मिलेगा।
इसके अलावा कस्टम मिलिंग के लिए धान उपार्जन और परिवहन से संबंधित गतिविधियों में राइस मिलर्स द्वारा दी जाने वाली बैंक गारंटी पर देय स्टाम्प शुल्क को 0.25 प्रतिशत से घटाकर 0.05 प्रतिशत करने की स्वीकृति दी गई।
बैठक में पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर (अटल नगर) में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी का एक नया पद वेतन मैट्रिक्स लेवल-14 में एक वर्ष की अवधि के लिए सृजित करने तथा रायपुर महानगरीय पुलिस जिले में 23 जनवरी से पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू करने का निर्णय भी लिया गया।












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