चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा खुद करेंगे जज लोया केस की सुनवाई
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नई दिल्ली। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच सोमवार को जज बीएच लोया की मौत को लेकर दायर पीआईएल पर सुनवाई करेगी। 2014 में जज लोया की मौत हो गई थी। सुप्रीम कोर्ट में दो पीआईएल दायर की गई हैं, जिनमें जज लोया मौत को संदिग्ध बताते हुए इसके पीछे हत्या की साजिश का शक जताया गया है और मौत की जांच की मांग की गई है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के चार जजों ने चीफ जस्टिस पर लोया केस को जूनियर बेंच को देने का आरोप लगाया था।

जस्टिस अरुण मिश्रा ने कर लिया था खुद को केस से अलग
पहले यह मामला जस्टिस अरुण मिश्रा की बेंच सुन रही थी। चार जजों की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद जस्टिस अरुण मिश्रा ने खुद को सुनवाई से अलग कर लिया था। अब खुद चीफ जस्टिस की बैंच ने अपने पास ही इस केस को रख लिया है। चीफ जस्टिस की बेंच में जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ होंगे, जो मामले को सुनेंगे।

चार जजों ने की थी प्रेस कॉन्फ्रेंस
12 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट के चार सीनियर जजों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। जस्टिस चेलमेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस जोसेफ कूरियन ने सीजेआई दीपक मिश्रा पर केसों के आवंटन को लेकर सवाल खड़ा किया था और कहा था कि सुप्रीम कोर्ट की प्रक्रिया को कुछ मुद्दे प्रभावित कर रहे हैं। जजों ने जज लोया के मामलो को भी जूनियर बैंच को देने की बात पर तनाव होने की बात कही थी।

सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले की सुनवाई कर रहे थे जज लोया
जज लोया की दिसंबर 2014 को नागपुर में मौत हो गई थी। बताया गया कि दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हुई लेकिन मौत को लागातर कुछ लोग संदिग्ध बताते रहे। लोया परिवार से जुड़े कुछ लोगों ने भी इस पर सवाल उठाए। जिस समय जज लोयाकी मौत हुई, उस समय वो सीबीआई के स्पेशल कोर्ट में सोहराबुद्दीन फेक एनकाउंटर मामले को देख रहे थे। इस केस में मौजूदा अमित शाह समेत गुजरात के कई बड़े अधिकारी नामजद थे। जज लोया ने इस मामले में पेशी पर ना आने को लेकर अमित शाह को फटकार भी लगाई थी। बाद में अमित शाह को मामले से बरी कर दिया गया था।












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