Chandrayaan-3 का लॉन्च आज, पढ़िए 10 बड़े अपडेट
Chandrayaan-3: भारत चंद्रयान 3 मिशन के लिए पूरी तरह से तैयार है। आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से आज दोपहर 2.35 बजे इसे लॉन्च किया जाएगा। अगर भारत इस मिशन को सफलतापूर्व पूरा करता है तो ऐसा करने वाला वह दुनिया का चौथा देश बन जाएगा।
भारत के लिए यह मिशन काफी अहम है। जिस तरह से चंद्रयान-2 अपने मिशन में फेल हो गया था उसके बाद भारत इस मिशन को सफल बनाने की हर संभव कोशिश करेगा।

- मून लैंडर विक्रम को जीएसएलवी मार्क 3 जिसे बाहुबलि रॉकेट कहा जाता है, उससे चांद पर भेजा जाएगा। इस रॉकेट की ऊंचाई कुतुबमीनार से आधी लंबाई के बराबर है। यह यात्रा 40 दिन की होगी, माना जा रहा है कि 23 अगस्त को यह चांद पर पहुंचेगा।
- भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान यानि इसरो इस मिशन को सफल बनाने का हर संभव प्रयास कर रहा है। जिस तरह से पिछला मिशन जुलाई 2019 में फेल हुआ था उससे इसरो ने जरूर सबक लिया है।
- चंद्रयान 2 में सबसे बड़ी दिक्कत यह थी कि इसकी शुरुआत में सबकुछ ठीक नहीं था। क्राफ्ट ऑफ नॉमिनल परिस्थिति को संभाल नहीं सका और सुरक्षित लैंडिंग नहीं कर सका।
- भारत का यह मूनक्राफ्ट चांद के साउथ पोल पर लैंड करेगा, जहां पानी की बूंदें पाई गई थीं। 2008 में भारत के पहले मून मिशन में इस बात की जानकारी मिली थी, जिसने दुनिया को चौंका दिया था।
- विक्रम चांद पर सुरक्षित और सॉफ्ट लैंडिंग कर सकता है। इसके बाद लैंडर रोवर प्रज्ञान को छोड़ेगा, जोकि चांद की सतह पर चलेगा, यह 14 दिन तक यहां पर चलेगा और वैज्ञानिक सर्वेक्षण करेगा।
- वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि इससे वह यहां की मिट्टी का विश्लेषण कर पाएंगे, चांद की सतह को समझ पाएंगे।
- इसरो का कहना है कि हमने पिछले मून मिशन से काफी कुछ सीखा है, हमने लैंडर में इंजन की संख्या को कम किया है , इसे पांच से चार कर दिया है।
- इसके सॉफ्टवेयर को अपडेट किया है। सभी कुछ काफी परीक्षण के बाद किया जा रहा है।
- इसरो चीफ एस सोमनाथ ने कहा कि अगर कुछ एलीमेंट्स फेल भी जाते हैं तो भी यह सफल लैंडिंग करेगा। हर तरह की परिस्थिति को लेकर टेस्टिंग की गई है।
- अक्टूबर 2008 में भारत का पहला मून मिशन चंद्रयान-1 अगस्त 2009 तक ऑपरेशनल रहा था।












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