'केंद्र बताए रामसेतु को राष्ट्रीय विरासत घोषित करेगा या नहीं', SC में बोले सुब्रमण्यम स्वामी
सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि केंद्र ने अभी तक रामसेतु पर अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में केंद्र का हां या नहीं में स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

Subramanian Swamy om Ram Sethu: सोमवार को सर्वोच्च अदालत में राज्यसभा सांसद डॉ सुब्रमण्यम स्वामी ने एक बार फिर से केंद्र को रामसेतु मामले में अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की। रामसेतु को राष्ट्रीय धरोहर स्थल घोषित करने के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस जेबी पारदीवाला की बेंच के समक्ष पेश हुए। उन्होंने अदालत से कहा, "केंद्र को 19 जनवरी को अपना रुख बताने के लिए कहा गया था, लेकिन रिकॉर्ड पर कुछ भी दर्ज नहीं किया गया। केंद्र ने अभी भी हां या ना में फैसला नहीं लिया।" सुब्रमण्यम स्वामी ने पूछा कि क्या केंद्र इसे राष्ट्रीय विरासत स्थल घोषित करेगा या नहीं।
सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका पर सुनवाई के दौरान CJI डी वाई चंद्रचूड़ ने यह आश्वासन दिया कि उनकी याचिका अदालत शेड्यूल करेगी। उन्होंने कहा कि कल से एक और संविधान पीठ शुरू हो रही है। बता दें कि राम सेतु को राष्ट्रीय विरासत के रूप में घोषित करने का मुद्दा स्वामी ने 2007 में सेतु समुंद्रम शिप चैनल परियोजना के खिलाफ अपनी याचिका में उठाया था। सेतु समुंद्रम परियोजना के तहत व्यापक ड्रेजिंग द्वारा मन्नार और पाक जलडमरूमध्य को जोड़ने के लिए एक 83 किमी लंबा चैनल बनाया जाना था। इस परियोजना पर राम सेतु पर प्रभाव पड़ने का आरोप लगाया गया था।
याचिका पर पिछली डेट पर सुनवाई के दौरान भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने शीर्ष अदालत को बताया था कि संस्कृति मंत्रालय में राम सेतु के लिए राष्ट्रीय विरासत की स्थिति पर विचार करने की प्रक्रिया चल रही है। मामले में पार्टी-इन-पर्सन के रूप में पेश होने वाले स्वामी ने अब तक कई बार केंद्र की ओर हलफनामा दाखिल ना करने पर आपत्ति जताई है। डॉ सुब्रमण्यम स्वामी ने एक बार फिर भारत के सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष 'राम सेतु' के लिए राष्ट्रीय विरासत का दर्जा मांगने वाली याचिका का जिक्र किया।
इस बार उन्होंने कहा कि कई बार संज्ञान में लाए जाने के बावजूद केंद्र ने अभी तक रामसेतु के मामले में अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र को अदालत में ये बताना चाहिए कि राम सेतु को राष्ट्रीय विरासत का दर्जा दिया जाना है या नहीं।
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