बंगाल-असम में बढ़े कोरोना मामलों से केंद्र चिंतित, जांच बढ़ाने के दिए निर्देश
नई दिल्ली, 30 अक्टूबर: पश्चिम बंगाल और असम में कोरोना संक्रमण के नए मामले बढ़ने लगे हैं। दोनों राज्यों में साप्ताहिक संक्रमण दर में वृद्धि भी दर्ज की गई है। असम और पश्चिम बंगाल में तेजी से बढ़ते कोरोना के मामलों ने केंद्र सरकार की चिंता बढ़ा दी है। कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों और साप्ताहिक संक्रमण दर में वृद्धि और टेस्टिंग में कमी के मद्देनजर केंद्र ने राज्य सरकारों को चेताया है। केंद्र ने राज्य सरकारों से कोविड-उपयुक्त व्यवहार को सख्ती से लागू करने पर जोर देते हुए इन मापदंडों की समीक्षा करने को कहा है।

26 अक्टूबर को असम और पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिवों को लिखे एक पत्र में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव, आरती आहूजा ने पिछले सप्ताह (20-26 अक्टूबर) से हफ्ते के नए मामलों में बढ़ोतरी और पिछले चार सप्ताह से 25 अक्टूबर तक संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी के शुरुआती संकेत को उजागर किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने 22 अक्टूबर को पश्चिम बंगाल को पत्र लिखा था और इस महीने की शुरुआत में दुर्गा पूजा के बाद कोलकाता में संक्रमण के मामलों में वृद्धि पर चिंता जाहिर की थी।
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असम को लिखे पत्र में अतिरिक्त सचिव, आरती आहूजा ने कहा कि पिछले सप्ताह (20-26 अक्टूबर) से साप्ताहिक नए मामलों में 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई और पिछले चार सप्ताह से संक्रमण के प्रसार में वृद्धि के भी संकेत मिले हैं। 28 सितंबर-चार अक्टूबर के बीच यह 1.89 प्रतिशत थी जो 19-25 अक्टूबर के बीच बढ़कर 2.22 फीसदी हो गई।
वहीं राज्य में 28 सितंबर से चार अक्टूबर के बीच 1,64,071 नमूनों की जांच हुई जबकि 19 से 25 अक्टूबर के बीच 1,27,048 नमूनों की जांच हुई। संक्रमण के मामलों में वृद्धि के बीच राज्य को जांच में वृद्धि करने की जरूरत है। असम में बारपेटा और कामरूप मेट्रो जिले को कोविड-19 के मामले और साप्ताहिक संक्रमण के मामलों को चिंता के दायरे में बताया गया है। इसी तरह प. बंगाल में कोलकाता और हावड़ा को भी संक्रमण की अधिकता की वजह से चिंता के दायरे में बताया गया है।
आहूजा ने कहा कि इन राज्यों में कोरोना जांच घटी है। बंगाल के कोलकाता और हावड़ा जिलों को बढ़ते मामलों के चलते चिंताजनक जिलों के रूप में चिन्हित किया गया है। उन्होंने जांच की गति बढ़ाने, संक्रमण के मामलों पर पूरी तरह से निगरानी रखने, होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों की नियमित जांच और संपर्कों की तलाश के काम को तेज करने को कहा है। इसके अलावा जिला और स्थानीय स्तर पर भी कोरोना संक्रमण से बचाव और रोकथाम के उपायों को सख्ती से लागू करने को कहा गया है।












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