केंद्र ने लिया यू-टर्न, सुप्रीम कोर्ट से कहा- राजद्रोह कानून की दोबारा होगी जांच

नई दिल्‍ली, 09 मई: केंद्र ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि राज द्रोह कानून कानून (धारा 124ए) के प्रावधानों की फिर से जांच और पुनर्विचार किया जाएगा। केंद्र ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि राज द्रोह कानून की दोबारा जांच की जाएगी। यह केंद्र द्वारा केदारनाथ सिंह बनाम बिहार राज्य के फैसले का बचाव करने के कुछ दिनों बाद आया है, जिसने कानून को बरकरार रखा था।

Recommended Video

    Sedition Law पर Supreme Court में Modi govt का हलफनामा, देशद्रोह कानून पर होगा विचार|वनइंडिया हिंदी
    sc

    केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से औपनिवेशिक कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर विचार नहीं करने और केंद्र द्वारा किए जाने वाले पुनर्विचार प्रैक्टिस की प्रतीक्षा करने के लिए भी कहा। सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले राज द्रोह कानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाले याचिकाकर्ताओं की सुनवाई के लिए 10 मई की तारीख तय की थी।

    हलफनामा दाखिल करते हुए बोली ये बात
    केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में तीन पेज का हलफनामा दाखिल करते हुए कहा है कि वह देश की संप्रभुता को बनाए रखने और उसकी रक्षा करने के साथ-साथ पुराने औपनिवेशिक कानूनों को हटाने के लिए प्रतिबद्ध है। केंद्र ने कहा कि जब देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, सरकार औपनिवेशिक बोझ को कम करने के लिए काम कर रही है।

    जानें राजद्रोह कानून क्या है?

    धारा 124ए में कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति कानून के अनुसार स्थापित सरकार के प्रति घृणा या अवमानना ​​लाता है या लाने का प्रयास करता है या उत्तेजित करता है या असंतोष पैदा करने का प्रयास करता है तो वह राज द्रोह का अपराध करता है। इसमें आजीवन कारावास की अधिकतम सजा का प्रावधान है।

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+