Center: रेलवे ट्रैक और सड़कों पर मजदूरों का पैदल सफर पीड़ा की बात, घर पहुंचाने में मदद करें राज्य सरकार

नई दिल्ली- केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों और संघ शासित प्रदेशों को चिट्ठी लिखकर प्रवासी मजदूरों के पैदल यात्रा पर गहरी चिंता जताई है और राज्य सरकारों से गुजारिश की है कि मजदूरों को उनके घर तक पहुंचाने हर संभव इंतजाम करें। यही नहीं केंद्र ने राज्यों से आग्रह किया है कि जब तक मजदूरों को घर छोड़ने के लिए बसों या ट्रेनों का इंतजाम नहीं कर लिया जाता, तबतक उन्हें समझा-बुझा कर शेल्टर होम में ही रुकने का प्रबंध करें। गौरतलब है कि महाराष्ट्र के औरंगाबाद में रेलवे ट्रेक पर सफर करने वाले ऐसे ही प्रवासी मजदूरों के साथ एक दर्दनाक हासदा हो गया था, जिसमें 16 प्रवासी मजदूरों की मौत हो गए थी। माना जा रहा है कि केंद्र का खत ऐसी घटनाओं को रोकने के मद्देनजर राज्यों को दिया गया है।

मजदूरों को घर पहुंचाने में मदद करें राज्य सरकार

मजदूरों को घर पहुंचाने में मदद करें राज्य सरकार

केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों और संघ शासित प्रदेशों के प्रशासन को खत लिखकर सड़कों और रेलवे ट्रैकों के जरिए पैदल अपनी गांवों और अपने शहरों की ओर निकल पड़े प्रवासी मजदूरों की हर संभव मदद की अपील की है। राज्यों और संघ शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को लिखे खत में केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने कहा है कि प्रवासी मजदूरों के सड़कों और रेलवे ट्रैक पर पैदल निकलने की परिस्थितियां बहुत ही ज्यादा चिंताजनक है। केंद्रीय गृह सचिव ने राज्यों से कहा है कि वो सुनिश्चित करें कि प्रवासी मजदूर स्पेशल ट्रेनों या बसों से ही सफर करके अपने मूल स्थानों तक पहुंचें। गृह सचिव ने राज्यों प्रवासी मजदूरों को देश के विभिन्न हिस्सों से उनके गृह राज्य तक पहुंचाने के लिए और भी श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के संचालन में भी सहयोग मांगा है।

जब तक घर भेजने का इंतजाम न हो मजदूरों के ठहरने का प्रबंध करें

जब तक घर भेजने का इंतजाम न हो मजदूरों के ठहरने का प्रबंध करें

अजय भल्ला ने रविवार को कैबिनेट सचिव राजीव गौवा के साथ हुई मीटिंग का हवाला देते हुए राज्यों से कहा है, प्रवासी मजदूरों का सड़कों और रेलवे ट्रैकों पर चलना बहुत ही चिंता की बात है। उन्होंने कहा, 'क्योंकि बसों और श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से उनके मूल स्थानों तक पहुंचाने की अनुमति पहले ही दी जा चुकी है, सभी राज्य और संघ शासित प्रदेशों की सरकारों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रवासी मजदूर सड़कों और रेलवे ट्रैक पर पैदल सफर न करें।' उन्होंने ये भी कहा है कि अगर प्रवासी मजदूर ऐसा करते हुए पाए जाते हैं तो उन्हें तुरंत ही सही तरीके समझाया जाना चाहिए और भरोसे में लेकर उन्हें पास के शेल्टहोम में रखना चाहिए, जहां उनके खाने और पानी की व्यवस्था हो। जब तक उनके घर तक भेजने के लिए बसों या श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का इंतजाम हो, उन्हें वहीं पर सारी सुविधाएं दी जानी चाहिए।

और श्रमिक स्पेशल के संचालन में भी मांगी मदद

और श्रमिक स्पेशल के संचालन में भी मांगी मदद

केंद्रीय गृह सचिव ने राज्यों से प्रवासी मजदूरों को पहुंचाने के लिए और श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाने में भी सहयोग मांगा है। उन्होंने लिखा है 'मैं आप सबसे आग्रह करता हूं कि बिना किसी बाधा के सभी श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के राज्यों तक पहुंचने और फंसे हुए प्रवासी मजदूरों को उनके घर तक जल्दी पहुंचाने में की मंजूरी दें। ' गौरतलब है कि महाराष्ट्र के औरंगाबाद में पिछले हफ्ते रेलवे ट्रैक पर चलते हुए मजदूर थक कर सो गए थे और मालगाड़ी से कुचले जाने से 16 की मौत हो गई थी। वे महाराष्ट्र से मध्य प्रदेश जा रहे थे। केंद्र सरकार ने प्रवासी मजदूरों के अलावा सभी मेडिकल प्रोफेशनल, पारामेडिक स्टाफ, सैनिटेशन कर्मचारियों और एंबुलेंस को भी लॉकडाउन के दौरान अंतरराज्यीय आवाजाही में किसी तरह की बाधा पैदा नहीं होने देने की व्यवस्था करने को कहा है।

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