'ताकत के बिना शांति सिर्फ एक कल्पना', ऑपरेशन सिंदूर पर बोले जनरल चौहान, सुदर्शन चक्र पर हुई खुलकर चर्चा
CDS General Anil Chauhan: मध्य प्रदेश के महू में आयोजित रण संवाद में भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने देश की सुरक्षा और भविष्य की तैयारियों पर महत्वपूर्ण बातें साझा कीं। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा शांति का समर्थक रहा है, लेकिन ताकत के बिना शांति केवल एक कल्पना बनकर रह जाती है। जनरल चौहान ने ऑपरेशन सिंदूर और आने वाले समय में भारत की नई रक्षा प्रणाली सुदर्शन चक्र पर भी खुलकर चर्चा की।
CDS चौहान ने स्पष्ट किया कि आधुनिक चुनौतियों का सामना करने के लिए केवल शांति की इच्छा पर्याप्त नहीं, बल्कि इसके साथ-साथ रणनीतिक शक्ति और तैयारी भी जरूरी है। जनरल चौहान ने कहा कि सुदर्शन चक्र न सिर्फ देश के अहम सैन्य और नागरिक स्थलों की रक्षा करेगा, बल्कि यह भारत की रक्षा रणनीति में नई दिशा भी तय करेगा। उन्होंने साफ कहा कि भारत हमेशा शांति का पक्षधर रहा है, लेकिन ताकत के बिना शांति सिर्फ एक कल्पना है।

शांति और शक्ति पर बड़ा बयान
जनरल चौहान ने कहा, "भारत शांति प्रिय राष्ट्र है, लेकिन हमें किसी भी स्थिति में शांतिवादी नहीं समझना चाहिए। शांति बनाए रखने के लिए शक्ति जरूरी है। जैसा कि एक लैटिन कहावत है - अगर शांति चाहते हो तो युद्ध के लिए तैयार रहो।"
ये भी पढ़ें: Video: 'लालू को बचाने के लिए मनमोहन सिंह का अध्यादेश फाड़ा था राहुल गांधी ने', अमित शाह ने कर दिया एक्सपोज
ऑपरेशन सिंदूर से मिली सीख
उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए बताया कि यह एक आधुनिक संघर्ष था, जिससे कई अहम सीख मिली हैं। उन्होंने कहा, "कई सुधार लागू किए जा चुके हैं और कुछ पर काम चल रहा है। यह ऑपरेशन अभी भी जारी है, लेकिन इस सेमिनार का उद्देश्य ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा करना नहीं, बल्कि उससे आगे की रणनीति पर बात करना है।"
#WATCH | Mhow, MP: At the Ran Samvad, CDS General Anil Chauhan says, "Operation Sindoor was a modern conflict from which we learned a number of lessons, and most of them are under implementation, some have been implemented. The operation is still on. We are not here to discuss… pic.twitter.com/kz56x90HUj
— ANI (@ANI) August 26, 2025
2035 तक 'सुदर्शन चक्र' की तैयारी
रण संवाद के दौरान जनरल चौहान ने देश की नई रक्षा प्रणाली 'सुदर्शन चक्र' पर भी बात की, जिसे भारत का अपना "आयरन डोम" या "गोल्डन डोम" कहा जा रहा है। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त को इसका जिक्र किया था और उम्मीद जताई थी कि 2035 तक यह तैयार हो जाएगा। यह सिस्टम भारत के अहम सैन्य, नागरिक और राष्ट्रीय स्थलों को सुरक्षित रखने में मदद करेगा।"
दुश्मन के हमलों को रोकने की ताकत
उन्होंने बताया कि इस सिस्टम के तहत दुश्मन की किसी भी हवाई चुनौती को पहचानने, ट्रैक करने और निष्क्रिय करने की क्षमता विकसित की जाएगी। इसमें सॉफ्ट स्किल्स, हार्ड स्किल्स, काइनेटिक और डायरेक्ट एनर्जी वेपन्स का इस्तेमाल किया जाएगा। जनरल चौहान ने कहा कि यह प्रणाली भारत की सुरक्षा ढाल और रणनीतिक ताकत दोनों बनेगी।
ये भी पढ़ें: 'तानाशाही की हद हो चुकी है पार',SSC प्रोटेस्ट में पुलिस ने किया लाठीचार्ज, भाजपा सरकार पर बरसे अरविंद केजरीवाल












Click it and Unblock the Notifications